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गांव ​के सरपंच समेत 22 लोगों को जेल, राजनीतिक रंजिश को लेकर हुआ था विवाद

अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट बस्सी क्रम-12 के न्यायाधीश अजीत कुड़ी ने ग्राम पंचायत पाटन के पूर्व सरपंच जगदीश प्रसाद के साथ मारपीट के 21 वर्ष पुराने बहुचर्चित मामले में तत्कालीन सरपंच व 21 जनों को तीन-तीन वर्ष का साधारण कारावास व 8500 - 8500 रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

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राजनीतिक विवाद को लेकर प्लम्बर की हत्या

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/बस्सी. अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट बस्सी क्रम-12 के न्यायाधीश अजीत कुड़ी ने ग्राम पंचायत पाटन के पूर्व सरपंच जगदीश प्रसाद के साथ मारपीट के 21 वर्ष पुराने बहुचर्चित मामले में तत्कालीन सरपंच व 21 जनों को तीन-तीन वर्ष का साधारण कारावास व 8500 - 8500 रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

न्यायालय के लोक अभियोजन अधिकारी अविनाश माथुर ने बताया कि बस्सी पंचायत समिति की पाटन पंचायत निवासी मधु शर्मा ने जुलाई 2001 को बस्सी थाने में रिपोर्ट दी थी कि उस समय नके पति जगदीश प्रसाद धाकड़ा और वह दोनों ही वार्ड पंच थे जबकि पहले के कार्यकाय में सरपंच थे।

21 जुलाई 2001 को पंचायत की कार्यवाही में शामिल होकर करीब 2 बजे घर जा रहे थे तभी पाटन चौराहे पर तत्कालीन सरपंच भौंरीलाल मीना, गैंदीलाल, लालाराम, मोहन लाल सहित करीब 50-60 जने पाटन चौराहे पर हाथों में लाठियां, डण्डे व सरिए लेकर खड़े थे।

आरोपियों ने उनके पति जगदीश प्रसाद धाकड़ा को लाठी, डण्डे व सरियों से पीट-पीट कर गम्भीर घायल कर दिया था। बचाने आए चाचा ससुर रामसहाय को घायल कर दिया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर 26 जनों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया था। इसके बाद यह मामला कई न्यायालयों में चला। सुनवाई के दौरान रामप्रताप, हरसहाय मीना व मुरली मीना की मौत हो चुकी है।

अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट क्रम - 12 बस्सी के न्यायाधीश अजीत कुड़ी ने इस मामले में पाटन निवासी हरिनारायण पुत्र राम प्रताप , लालपुरा निवासी भूराराम मीना, गैंदीलाल मीना, पाटन निवासी रामभजन, लालपुरा निवासी तत्कालीन सरपंच भौंरीलाल मीना, पाटन निवासी रतिराम, रामावतार शर्मा, लालपुरा निवासी लालाराम, पाटन निवासी चौथू मीना, लालपुरा निवासी मक्खन लाल मीना, पाटन निवासी रामफूल मीना, गोरधनलाल मीना, रामजीलाल शर्मा, मोहनलाल मीना, लालचंद मीना, भगवान सहाय मीना, गोकुल शर्मा, भींवाराम मीना, ओंकार मीना, नरसीलाल मीना, सूरज मीना व अर्जुन मीना को तीन - तीन वर्ष का कारावास व 8500- 8500 रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। यदि अभियुक्तों ने पुलिस या न्यायिक अभिरक्षा में समय बिताया है तो वह मूल कारावास में समायोजित किया जाएगा।

पाटन में भौंरीलाल मीना कई बार सरपंच निर्वाचित रह चुके। इस बीच एक बार जगदीश प्रसाद व भौंरीलाल ने आमने सामने चुनाव लड़ा तो जगदीश प्रसाद धाकड़ा चुनाव जीत गए। इसके बाद सीट एसटी रिजर्व आ गई। इस पर भौंरीलाल मीना व जगदीश धाकड़ा के गुट के बीच चुनाव में भौंरीलाल मीना सरपंच निर्वाचित हो गए। लेकिन जगदीश धाकड़ा व उनकी पत्नी वार्ड पंच निर्वाचित हो गए। ऐसे में दोनों गुटों के बीच राजनीतिक रंजिश चलती रही और यह विवाद हो गया। जिन अभियुक्तों को सजा हुई है, उनमें वर्तमान भाजपा पूर्व के मण्डल अध्यक्ष गैंदालाल मीना भी शामिल हैं।

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