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Wall fall : पुलिस थोड़ी सख्ती दिखाती तो बच जाती परिवार की खुशियां, तीन मजदूर दबे, एक की मौत

(Labor forced) ग्राम पंचायत की रोक के बावजूद चल रहा था कार्य, पंचायत अवैध निर्माण को लेकर पुलिस की थी शिकायत    

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Wall wall collapsed during building wallbase

Wall fall : पुलिस थोड़ी सख्ती दिखाती तो बच जाती परिवार की खुशियां, तीन मजदूर दबे, एक की मौत

चन्दवाजी. कस्बे के पीलवा रोड पर मंगलवार को बेसमेंट खुदाई व निर्माण कार्य के दौरान दीवार गिरने (Kernel wall) से कारीगर सहित तीन मजदूर दब गए। हादसे में एक मजदूर (कारीगर) की मौत हो गई व दो अन्य घायल हो गए। निर्माण कार्य ग्राम पंचायत की रोक के बावजूद चल रहा था। अतिक्रमी के खिलाफ ग्राम पंचायत द्वारा थाने में रिपोर्ट भी दी गई, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जिससे ग्रामीणों में रोष है।

जानकारी के अनुसार कस्बे में पीलवा रोड पर धानकों के मौहल्ले में स्थानीय निवासी कैलाश गुर्जर ने मकान (House accident) के बेसमेंट खुदाई कर निर्माण करा रहा था। ठेकेदार रमेश बुनकर के कारीगर व मजदूर मंगलवार सुबह पड़ौसी कालूराम धानका के पुराने मकान की दीवार के पास बेसमेंट में निर्माण कार्य कर रहे थे। निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से दीवार भरभराकर गिर गई। मलबे में कारीगर चिताणु निवासी रामावतार बुनकर (40) पुत्र चौथमल बुनकर, कुशलपुरा निवासी कैलाश बुनकर (33) पुत्र कजोड़ मल व एक अन्य मजदूर दब (Labor forced) गए। शोर-शराबा सुनकर ग्रामीणों ने दीवार के मलबे में दबे मजदूरों को पत्थर व मिट्टी हटाकर बाहर निकाला और निम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां कारीगर चिताणु निवासी रामावतार को मृत घौषित कर दिया गया। उपनिरीक्षक कैलाश मीणा मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस संबंध में मृतक के चाचा हनुमान सहाय बुनकर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की जांच एसआई कैलाश मीणा को सौंपी गई है।

बिना सुरक्षा के कार्य

बेसमेंट खुदाई व निर्माण कार्य बिना सुरक्षा के चल रहा था। मौके पर मजदूरों (Majdur dabe) की सुरक्षा व आसपड़ौस के मकानों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं थे, जो दीवार गिरी उसके मात्र लकड़ी का एक सहारा लगाया हुआ था।

पुलिस चेत जाती तो टल सकता था हादसा

सरपंच सरोज मीणा, समाजसेवी सुभाष मीणा ने बताया कि अगर पुलिस समय पर चेत जाती और पंचायत की रोक के बावजूद चल रहे कार्य को रुकवा देती तो हादसा नहीं होता। इस संबंध में सरपंच ने चंदवाजी थाना प्रभारी विक्रांत शर्मा, आमेर एसडीएम को भी कई बार अवगत कराया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। सरपंच ने बताया कि उसे यह कहकर टरका दिया गया कि ग्राम पंचायत ही रोके। पुलिस का कोई लेना देना नहीं है। ग्राम पंचायत ने मौके पर कार्य रुकवाने के लिए पुलिस इमदाद भी मांगी, लेकिन थाना पुलिस का जाप्ता उपलब्ध नहीं कराया गया। पुलिस की लापरवाही से ग्रामीणों में रोष है।

कलक्टर ने मांगी थी सात दिन में रिपोर्ट

पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने और पुलिस इमदाद नहीं देने को लेकर ग्राम पंचायत सरपंच सरोज मीणा ने 9 जुलाई को जिला कलक्टर और आमेर एसडीएम को भी शिकायत दर्ज कराई। जिला कलक्टर ने 9 जुलाई को ही थाना प्रभारी को मामले की सात दिवस में जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए, लेकिन पुलिस ने शीथिलता दिखाई।

चिताणु में मचा कोहराम

मृतक रामावतार अकेला ही पूरे परिवार का खर्च चलाता था। दोपहर तक उसकी पत्नी ममता व बूढ़े माता-पिता को घटना की सूचना नहीं दी गई। करीब तीन बजे जैसे ही रामावतार का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। पत्नी ममता देवी बार-बार बेहोश हो रही थी। बूढ़े पिता चौथमल व मां लाड़ा देवी की बूढ़ी आंखें नम हो गई। मृतक का पिता चलने फिरने में भी असमर्थ है। रामावतार के दो लड़की व तीन लड़के हैं।

इनका कहना है-

जब भी ग्राम पंचायत ने पुलिस इमदाद मांगी है तब जाप्ता दिया है। पुलिस ने एक बार जाकर कार्य भी रुकवाया था। कार्रवाई नहीं करने के आरोप गलत हैं। अभी मामला दर्ज हुआ है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

विक्रांत शर्मा, थाना प्रभारी, पुलिस थाना चंदवाजी।