
Weather forecast Rajasthan: राजस्थान में जाता मानसून तर कर रहा है। प्रदेश के कई जिलों में कुछ दिन से बारिश का दौर जारी है। कोटा और उदयपुर संभाग में मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए। माही बांध के सभी 16 गेट इस सीजन में पहली बार खोले गए। कोटा बैराज के 2 गेट खोलकर 7598 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। राजस्थान में पिछले 24 घंटे में अनेक स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। पूर्वी राजस्थान में कुछ जगह अति भारी बारिश तो पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश हुई।
मौसम केंद्र जयपुर ने 17 सितंबर को राजस्थान के 3 जिले बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और डूंगरपुर में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताते हुए इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। चित्तौड़गढ़, सिरोही, उदयपुर और जालौर जिले के लिए अतिभारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। इनके अलावा बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, झालावाड़, कोटा, राजसमंद, बाड़मेर और पाली में भारी बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। सीकर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर और श्रीगंगानगर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों ने 18 सितंबर को प्रतापगढ़, बाड़मेर, जैसलमेर और जालौर जिले में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं बांसवाड़ा, डूंगरपुर, राजसमंद, सिरोही, उदयपुर और पाली जिले में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम के कारण राज्य में मानसून सक्रिय हुआ है।
डूंगरपुर जिले के साबला क्षेत्र में लगातार बारिश होने के साथ ही माही डेम के 16 गेट व सोम कमला बांध के दो गेट खोलने से शनिवार देर रात्रि को वागड़ प्रयाग बेणेश्वर धाम इस मानसून सत्र में पहली बार टापू बन गया है। सोम, माही एवं जाखम नदियों में पानी उफान पर है तथा पानी तेज गति से बह रहा है। बेणेश्वर धाम के टापू बनने से धाम में पुजारी स्थित वहां के दुकानदार एवं पुलिस जवान मौजूद है। हालांकि, सभी सुरक्षित है।
Published on:
16 Sept 2023 08:30 pm
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