
Weather forecast Rajasthan: बरसात पर ब्रेक लग हुए हैं और अब तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। तेज धूप के साथ-साथ उमस ने लोगों का हाल-बेहाल कर दिया। लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं। प्रशांत महासागर में बनी विशेष मौसमी परिस्थिति अलनीनो सहित अन्य कारणों से मानसून कमजोर हो गया है। पूरे अगस्त में राजस्थान सहित देशभर के अधिकांश हिस्सों में सूखा रहा।
जयपुर मौसम केंद्र ने अभी-अभी जयपुर, अलवर और दौसा जिले में शाम 5.45 से पहले मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। राजस्थान में अगस्त माह में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम केंद्र जयपुर ने पूर्वानुमान जारी कर राजस्थान में कमजोर मानसून परिस्थितियां आगामी एक सप्ताह के दौरान जारी रहने की प्रबल संभावना जताई है। इस दौरान अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहेगा।
मानसून काल जून से सितम्बर तक होता है। सितंबर में वापस मानसून सक्रिय होने के बाद बारिश का इक्का-दुक्का स्पैल प्राप्त हो सकता है। मानसून की ट्रफ लाइन के इर्द-गिर्द ही बरसात की गतिविधियां होती है। सितंबर के दूसरे पखवाड़े में पश्चिमी राजस्थान से मानसून लौटना शुरू हो जाएगा।
मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र का कहना है कि अगस्त में सामान्य से कम बारिश का मुख्य कारण अल-नीनो है। दूसरा कारण दक्षिण चीन सागर में कम दबाव वाली प्रणालियों की कम संख्या भी है।
मौजूदा अल नीनो स्थितियों के प्रभाव में बंगाल की खाड़ी पर सामान्य पांच के मुकाबले केवल दो कम दबाव वाली प्रणालियां बनी हैं। इसके साथ ही ‘मैडेन जूलियन ऑसिलेशन’ का प्रतिकूल चरण भी देखा जा रहा है। यह एक समुद्री-वायुमंडलीय घटना है, जो मौसम की गतिविधियों को प्रभावित करती है।
Published on:
30 Aug 2023 04:10 pm
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