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बस्तर पुलिस में Salary Scam! ऑडिट सॉफ्टवेयर से खुला राज, वेतन शाखा के 3 कर्मचारी गिरफ्तार

Salary Payment Fraud: बस्तर पुलिस विभाग में वेतन भुगतान में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। ऑनलाइन ट्रांसफर में हेराफेरी के आरोप में वेतन शाखा के 3 कर्मचारी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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Bastar Police Salary Scam

Bastar Police Salary Scam: सैलरी घोटाले में 3 कर्मचारी गिरफ्तार(photo-patrika)

Bastar Police Salary Scam: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिला पुलिस विभाग में वेतन भुगतान से जुड़ी बड़ी अनियमितता सामने आई है। वेतन शाखा में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का खुलासा हुआ है। मामले में तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में आरोप है कि ऑनलाइन वेतन ट्रांसफर के दौरान तय वेतन राशि से अधिक रकम कुछ खातों में भेजी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और भुगतान प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

Chhattisgarh Police Salary Fraud: 8-9 महीने से चल रही थी गड़बड़ी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गड़बड़ी पिछले आठ से नौ महीनों से चल रही थी। आरोपी ऑनलाइन वेतन भुगतान प्रणाली का इस्तेमाल कर अपने और कुछ अन्य विभागीय कर्मचारियों के खातों में अतिरिक्त राशि ट्रांसफर कर रहे थे। मामले का खुलासा विशेष ऑडिट सॉफ्टवेयर की जांच के दौरान हुआ।

ऑडिट में मिला भुगतान और वेतन राशि में अंतर

जांच के दौरान वेतन मद में किए गए भुगतान और वास्तविक वेतन राशि के बीच बड़ा अंतर पाया गया। इसके बाद विभागीय खातों, दस्तावेजों और भुगतान रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की अनियमितता सामने आई।

कई कर्मचारियों की भूमिका जांच के दायरे में

पुलिस जांच में वेतन शाखा के तीन से अधिक कर्मचारियों की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अतिरिक्त राशि किन-किन खातों में भेजी गई और इस पूरे मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपी

बस्तर के पुलिस अधीक्षक सलभ सिन्हा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वेतन भुगतान के दौरान अधिक राशि आहरण किए जाने की जानकारी मिली है। मामले में तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उनसे पूछताछ कर पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।

तकनीकी जांच भी जारी

पुलिस ने मामले की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली है। संबंधित सॉफ्टवेयर, ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे और कार्रवाई की जाएगी।