
Amar mani tripathi: कोर्ट का आदेश, पुलिस अभिरक्षा में एक नवंबर को कोर्ट में अमरमणि को पेश करें
Basti : MP - MLA कोर्ट ने अपहरण मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को पुलिस की कार्यशैली पर ही प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया। कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए 22 साल पुराने केस में कोर्ट ने SP बस्ती को पूर्वमंत्री अमरमणि त्रिपाठी की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम गठित करने का निर्देश दिया है।
वारंट तामिला कराकर एक नवंबर को कोर्ट में करें पेश
आरोपी अमरमणि को वारंट तामील कराकर एक नवबंर को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।कोर्ट ने आदेश में कहा है कि पूर्व तिथि में भी अमरमणि को न्यायालय में उपस्थित किए जाने का आदेश पारित किया गया था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ,जिला कारागार गोरखपुर से प्राप्त आख्या से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश शासन कारागार प्रशासन द्वारा अमरमणि को 25 अगस्त को कारागार से रिहा कर दिया गया है। बावजूद इसके वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। आरोपी अमरमणि के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जा चुका है। ऐसे में अब कोर्ट ने SP बस्ती को स्पेशल टीम बनाकर अमरमणि की गिरफ्तारी का आदेश दिया है। इससे पूर्व 16 सितंबर को एमपी-एमएलए कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि डिप्रेशन के आधार पर अमरमणि को कोर्ट में पेशी से छूट नहीं मिलेगी। मामले में दो अन्य आरोपी भी फरार हैं।गोरखपुर में गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद कोर्ट ने कहा था कि आरोपी डिप्रेशन के आधार पर कितने दिन जिला कारागार में निरुद्ध रहा और कितने दिन अस्पताल में रहा, इसकी हाजिरी रिपोर्ट अगली तारीख में पेश की जाए।
कोर्ट ने पुलिस की अकर्मण्यता पर उठाया सवाल
कोर्ट ने साथ ही दो अन्य फरार आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने के संबंध में कहा है कि पुलिस की अकर्मण्यता के कारण अभी तक अभियुक्तगण फरार हैं और न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। आरोपी शिवम उर्फ रामयज्ञ व नैनीश शर्मा के खिलाफ स्थायी गैर जमानती वारंट जारी है। कोतवाल को दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
यह है मामला
कोतवाली बस्ती क्षेत्र से तकरीबन 22 साल पहले किराना कारोबारी धर्मराज गुप्ता के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। पुलिस ने राहुल को लखनऊ में एक घर से बरामद किया था। दावा किया गया कि यह अमरमणि त्रिपाठी से जुड़े एक व्यक्ति का घर था। इस मामले अमरमणि त्रिपाठी मुल्जिम हैं। एमपी-एमएलए कोर्ट में केस की सुनवाई चल रही है। बता दें की अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी , लखनऊ की बहुचर्चित मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा में दशक से ज्यादे समय तक जेल में निरुद्ध थीं। इस दौरान दोनो गंभीर बीमारी का बहाना एवम अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए लगभग सारी सजा ही मेडिकल कालेज में ही काट ली। सरकार द्वारा सजा माफ करने के बाद त्रिपाठी दंपती जेल से छूटे हैं।
Published on:
17 Oct 2023 09:38 am
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