
थानेदार को दिन भर कोर्ट में खड़े रहने की मिली सजा, 80 रुपए का लगाया जुर्माना
कोर्ट के आदेश को न मानने पर आज एक थानेदार की शामत आ गई। थानेदार की इस लापरवाही की वजह से जज साहेब बुरी तरह से नाराज हो गए। और सजा के तौर पर जज साहेब ने थानेदार को दिन भर कोर्ट में खड़े रहने की सजा सुना दी। साथ्ज्ञ ही 80 रुपए का तुर्माना भरने का आदेश दिया। और कहाकि, अगर थानेदार ने जुर्माना नहीं भरा तो 7 दिन जेल में रहना होगा। बस्ती जिले के हर्रैया के थानेदार को यह सजा न्यायालय के आदेश के अनुपालन में लापरवाही बरतने पर मिली। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्पिता यादव ने उन्हें दोषी मानते हुए दंडित किया। न्यायालय ने जनप्रतिनिधियों के मामलों को देखने की जिम्मेदारी भी थानेदार हर्रैया को सौंपी थी।
कारण बताओ नोटिस जारी किया
कोर्ट में सरकार बनाम विपिन शुक्ला नाम से जनप्रतिनिधि की पत्रावली विचाराधीन है। जो साक्ष्य की कार्यवाही में चल रही है। न्यायालय के कई बार थानाध्यक्ष हर्रैया को साक्षियों को प्रस्तुत करने के लिए समन भेजा गया। परंतु थानाध्यक्ष ने कोई ऐक्शन नहीं लिया और उदासीनता बरती। किसी भी साक्षी को अदालत में प्रस्तुत नहीं किया गया। जो साक्षी आए वह भी सिर्फ कोर्ट से भेजी गई नोटिस पर आए। उसमें थानाध्यक्ष का योगदान नहीं था। इस लापरवाही से कोर्ट नाराज हो गया। और क्षुब्ध होकर न्यायालय ने कारण बताओ नोटिस जारी किया।
सन्तोषजनक जबाब न होने पर कोर्ट ने किया दंडित
आरोपी थानाध्यक्ष के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद धारा 345 दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत दर्ज कर लिया गया। उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया। परंतु थानाध्यक्ष ने न्यायालय से जारी नोटिस का स्पष्टीकरण देने में भी उदासीनता बरती। तब उप महानिरीक्षक पुलिस बस्ती को न्यायालय ने पत्र लिखा और थानाध्यक्ष की उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपेक्षा की। सोमवार को थानाध्यक्ष कोर्ट में हाजिर हुए और सन्तोषजनक जबाब न होने पर अदालत ने उन्हें दंडित किया।
Published on:
20 Sept 2022 05:39 pm

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