
कबीर तिवारी
बस्ती. यूपी के बहुचर्चित भारतीय जनता पार्टी के नेता कबीर तिवारी हत्याकांड का खुलासा कर पुलिस ने मुख्य आरोपी भाजपा नेता को जेल भेज दिया है। पर पुलिस के खुलासे में जो बातें सामने आयी हैं वो हैरान कर देने वाली हैं। कबीर तिवारी वर्चस्व की जंग में अपनी जान गंवा दी। उसकी हत्या कराने वाला कोई और नहीं भाजपा का ही छात्र नेता था। उसने यह हत्या दो पढ़ने वाले लड़कों को मोटिवेट कर उनसे करायी।
पुलिस के खुलासे के मुताबिक मुख्य अभियुक्त भाजयूमो के जिला मंत्री छात्र नेता अभिजीत सिंह ने कबीर तिवारी के खिलाफ खौफनाक साजिश रची। उसने दो पढ़ने वाले युवा लड़कों को मोटिवेट किया कि अगर तुम लोगों को नाम कमाना है तो कबीर की हत्या कर दो। दोनों जब मान गए तो हत्या के लिये 17 हजार रुपये में तीन असलहे खरीदे गए। इसके बाद दोनों हत्यारोपित युवकों अनुराग और अभय को असलहा चलाने की ट्रेनिंग दी गयी। फिर तरीख तय हुई और नौ अक्टूबर को दोनों ने हत्याकांड को अंजाम दे दिया।
कबीर तिवारी और अभिजीत सिंह में थी वर्चस्व की जंग
भाजपा नेता कबीर तिवारी और भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला मंत्री और हत्या के मुख्य अभियुक्त अभिजीत सिंह जिले में खुद को युवाओं के बीच बड़े नेता के रूप में स्थापित करना चाहते थे। दोनों की यही महत्वकांक्षा उनके बीच वर्चस्व की जंग बन चुकी थी। दोनों लगातार एक दूसरे को नीचा भी दिखाने की कोशिश करते थे। आखिरकार जब अभिजीत कबीर तिवारी के आगे खुद को नीचा समझने लगा तो उसने खौफनाक साजिश रची और कबीर की हत्या करवा दी।
एसटीएफ ने अभिजीत को किया गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने बताया कि हत्या में शामिल अनुराग तिवारी और अभय तिवारी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया था। विवेचना में मन्नू पाण्डेय और प्रशान्त को एक असलहे व चार कारतूस के साथ बस्ती से ही गिरफ्तार किया गया। मुख्य साजिश कर्ता अभिजीत सिंह को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बताते चलें कि कबीर तिवारी के पिता ने आठ नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने अभिजीत और मन्नू पर 25-25 हजार का ईनाम घोषित किया था।
कबीर तिवारी का लगातार लोकेशन ले रहा था अभिजीत
पुलिस की विवेचना के मुताबिक भोलू गुप्ता ने अभियुक्तों को असलहे उपलब्ध कराए। अभिजीत सिंह ने अनुराग तिवारी, अभय तिवारी, मुन्नू पाण्डेय, भोलू गुप्ता के साथ साजिश रचकर हत्या करवायी। घटना के समय भी अभिजीत और मन्नू आसपास ही मौजूद थे। गोली मारने के अभियुक्तों को बचाने के लिये एक कार तैयार थी, लेकिन जब अनुराग और अभय पकडे गए तो अभिजीत मन्नू वहां से फरार हो गए। घटना के पहले व बाद में मन्नू अभिजीत को कबीर तिवारी की लोकेशन की सूचना दे रहा था।
By Satish Srivastava
Published on:
20 Oct 2019 10:25 am
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