
Health Tips: कई बार आप नारियल पानी (डाब) पीने के बाद उसमें सफेद, मुलायम परत देखते होंगे, जो पूरी तरह नारियल की गिरी नहीं बनी होती बल्कि मुलायम मलाई जैसी होती है। यह उन डाबों में पाई जाती है जो बिल्कुल कच्चे भी नहीं और पूरी तरह पक कर नारियल भी नहीं बनतीं। यह बेहद गुणकारी होती है। इसे कभी फेंकना नहीं चाहिए बल्कि चम्मच से निकालकर खा लेना चाहिए।
कोकोनट मीट में अमीनो एसिड्स और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होते हैं जो पेट में चर्बी नहीं जमने देते। इनमें मौजूद एमसीटी (मिडियम चेन ट्राइग्लिसराइड्स) कीटोन्स में तब्दील हो जाते हैं जो ब्रेन में एनर्जी का स्रोत बनते हैं। नारियल में पोलीफेनॉल्स और फाइटोस्टेरॉयड्स होते हैं जो खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम करते हैं। हमारे खून में और स्किन टीशूज में जो फैट इक_ा हो जाती है, वह नियमित रुप से नारियल के सेवन करने पर साफ हो सकती है।
इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। कोकोनट मीट रोजाना खाने से त्वचा दमकती है। यह झुर्रियों की रोकथाम करता है, स्किन में शुष्कता नहीं आने देता और कसावट लाता है।इसमें लिवर और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों की बीमारियों से बचाने की क्षमता होती है। अल्जीमर्स डिजीज और पैंक्रियाशटाइटिस में इसका सेवन करने से आराम मिलता है।
इसमें यूरिक एसिड होता है जो कोलेस्ट्रॉल और ब्लडशुगर का लेवल मेंटेन करता है। एड्स के मरीजों में वाइरल लोड कम करके यह राहत पहुंचाता है। कोकोनट मीट में थायराइड की कार्यप्रणाली को चुस्त करने के गुण भी होते हैं। इसे खाने से मसल्स मजबूत होती हैं और गठिया की शिकायत होने का जोखिम कम होता है। इसके सेवन से नई ब्रेन सेल्स बनती हैं।
किसी को गैस या अपान वायु की शिकायत हो तो उसे नियमित नारियल की मलाई खानी चाहिए। इसके सेवन से गले की खराश और पेट के अल्सर में भी राहत मिलती है। गर्भवती को इसका सेवन करना चाहिए।
Published on:
08 Jul 2021 10:31 pm

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