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बारिश बनी बैरन : 48 घंटे इंतजार के बाद हो सका दाह संस्कार, करना पड़ा तालाब पार

समीपवर्ती ग्राम देवलाता में एक वृद्धा के निधन पर बरसात और रास्ते के तालाब में भरे पानी के चलते करीब 48 घंटे बाद अंतिम संस्कार किया जा सका।
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ब्यावर

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kamlesh sharma

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Updated: 9 Sep 2025, 2:32 PM IST

Beawar News

फोटो पत्रिका

ब्यावर (अजमेर)। क्षेत्र में लगातार हो रही बरसात अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। समीपवर्ती ग्राम देवलाता में एक वृद्धा के निधन पर बरसात और रास्ते के तालाब में भरे पानी के चलते करीब 48 घंटे बाद अंतिम संस्कार किया जा सका। यहां श्मशान के रास्ते में तालाब होने से ग्रामीणों को घुटनों तक भरे पानी से अंतिम यात्रा निकालनी पड़ती है।

ग्राम देवलाता निवासी वृद्धा जसूदेवी का रविवार सुबह करीब 8 बजे निधन हो गया। इसके बाद बरसात शुरू हो गई। इसके चलते तालाब में पानी की लगातार आवक हो रही थी। ऐसे में ग्रामीणों ने पानी कम होने का इंतजार किया। इसके बाद सोमवार को शवयात्रा शुरू की। तालाब के दूसरे छोर पर अंतिम संस्कार किया गया।

इसलिए होती है परेशानी

जनप्रतिनिधि सरदार सिंह ने बताया कि राणेता भगवानपुरा एवं देवलाता के श्मशान एक ही जगह पर है। यहां दोनों ही गांव के लोग अंतिम संस्कार करने जाते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि प्राचीन समय से इन गांवों का यही श्मशान स्थल है। इन दोनों गांवों के बीच आसन का तालाब है। लगातार बरसात के चलते तालाब लबालब भर गया है। इस कारण करीब 500 मीटर तालाब को पारकर श्मशान स्थल तक जाना पड़ा।

इनका कहना है…

देवलाता गांव में तालाब के पास ही श्मशान है। इसको लेकर रिपोर्ट लेंगे। ग्रामीणों के हित में जो हो सकता है, वह करने का प्रयास करेंगे।
अशोक कुमार, तहसीलदार, टॉडगढ़

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