
Rajasthan Unique Village : राजस्थान में है एक अनोखा गांव। यह गांव हमेशा चर्चा में रहता है। इस गांव में आज भी मिट्टी के बने कच्चे घर हैं। इस गांव की खासियत है कि चाहे कोई व्यक्ति अमीर हो या गरीब, सभी कच्चे मकान में ही रहते हैं। दूसरी अहम बात है कि यहां की पूरी भूमि भगवान देवनारायण के नाम है। इस देवमाली गांव में एक मान्यता है कि अगर गांव का कोई व्यक्ति पक्का मकान बनाएगा तो उसे मुसीबतें घेर लेंगी। देवमाली गांव को भारत का सर्वश्रेष्ठ पर्यटक गांव घोषित किया जा चुका है।
बताया जा रहा है कि देवमाली गांव के हर घर में सभी आधुनिक सुख सुविधाएं उपलब्ध हैं। बावजूद इसके मकान कच्चे हैं, जो मिट्टी व पत्थर से बने हुए हैं। कहा जाता है कि यह सब सिर्फ पौराणिक मान्यता व देवनारायण भगवान में आस्था की वजह से संभव है। देवमाली गांव में मात्र सरकारी भवन ही पक्के हैं।
देवमाली गांव राजस्थान के ब्यावर जिले के मसूदा उपखंड से करीब 5 किमी दूर है। देवमाली गुर्जर बाहुल्य गांव है। इस गांव में गुर्जर समाज के आराध्य भगवान देवनारायण का प्राचीन मंदिर है। पूरे गांव में एक ही गोत्र के लोग रहते हैं। मान्यता है कि पूर्वज के वचनों की वजह से गांव में चार वस्तुओं पर प्रतिबंध है। इनमें सबसे पहले पक्का मकान फिर शराब, मांस का सेवन और केरोसिन का उपयोग प्रतिबंधित है। बिजली के जाने के बाद इस गांव में केरोसिन की जगह तिल्ली के तेल से दीपक जलाया जाता है।
जानकार आश्चर्य होगा कि इस गांव में कोई भी अपने घरों में ताला नहीं लगाता है। सभी गांववासी भगवान देवनारायण की पूजा-आराधना करते हैं। भगवान देवनारायण भगवान विष्णु के अवतार हैं। बताया जाता है कि भगवान देवनारायण ने गांववासियों से कहा है कि जो कच्चे मकान में रहेगा, शराब और मांस से परहेज करेगा, वो हमेशा खुश रहेगा।
Updated on:
07 Nov 2024 06:05 pm
Published on:
07 Nov 2024 06:05 pm
