
कैदी को गोद में उठाकर दौड़ता जवान (फोटो - स्क्रीन ग्रैब)
Bihar Police Viral Video: बिहार के बेगूसराय कोर्ट में सुनवाई के लिए लाए गए एक कैदी की भीषण गर्मी और उमस के कारण अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए ड्यूटी पर तैनात बिहार पुलिस के कॉन्स्टेबल अनिल कुमार ने तुरंत उस कैदी को अपनी गोद में उठाया और अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। अस्पताल पहुंचाया गया यह कैदी लोगों को डराने-धमकाने और ठगी करने के लिए नकली DSP बनकर घूमता था।
जानकारी के अनुसार, बरौनी थाना क्षेत्र के मोसादपुर गांव का रहने वाला नारायण महतो का पुत्र करण कुमार साइबर ठगी और फर्जीवाड़ा के एक मामले में पिछले करीब पांच महीनों से बेगूसराय जेल में बंद है। गुरुवार को उसे कड़ी सुरक्षा के बीच एससी-एसटी विशेष कोर्ट में पेशी के लिए बेगूसराय न्यायालय लाया गया था। जहां अपनी हाजिरी का इंतजार कर रहे करण की तबीयत अचानक खराब हुई और वह वहीं चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ा।
वहां कोर्ट की सुरक्षा में मुस्तैद सिपाही अनिल कुमार ने अन्य पुलिसकर्मियों की मदद से बेहोश कैदी करण को तुरंत उठाया और कोर्ट की तीसरी मंजिल से सीढ़ियों के रास्ते नीचे उतारा। इसके बाद आनन-फानन में एक ई-रिक्शा की व्यवस्था कर उसे इलाज के लिए नजदीकी सदर अस्पताल पहुंचाया गया। सदर अस्पताल पहुंचने पर आपातकालीन वार्ड के बाहर तुरंत कोई स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो सका।
धूप तेज थी और कैदी की हालत बिगड़ती जा रही थी। सिपाही अनिल कुमार ने स्ट्रेचर के इंतजार में समय गंवाना ठीक नहीं समझा। उन्होंने कैदी को तुरंत अपनी गोद में उठाया और करीब 200 मीटर तक दौड़ते हुए सीधे इमरजेंसी वार्ड के भीतर डॉक्टरों के पास ले गए। समय पर इलाज मिलने के कारण डॉक्टरों ने करण की स्थिति को संभाल लिया। फिलहाल वह पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में भर्ती है।
जिस युवक को बचाने के लिए जवान इतनी रफ्तार भागा, उसने खुद को 'डीएसपी' बताकर इंटरनेट मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। करण कुमार वही युवक है जो पुलिस की वर्दी पहनकर, अपनी काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी पर पुलिस की फ्लैश लाइट, 'DSP' लिखा बोर्ड और पुलिस का लोगो लगाकर लोगों पर रौब झाड़ता था और सोशल मीडिया पर रील्स पोस्ट करता था।
साल 2024 में वह पुलिस की फर्जी आईडी के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद दिसंबर 2025 में बेगूसराय की साइबर थाना पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि वह खुद को बड़ा पुलिस अधिकारी बताकर युवाओं को झांसा देता था। उसने दरोगा बहाली कराने के नाम पर एक भोले-भाले युवक से लाखों रुपये की ठगी की थी।
इस घटना पर बिहार पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, "बेगूसराय कोर्ट परिसर में भीषण गर्मी के कारण एक कैदी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए बिहार पुलिस ने उसे अपनी गोद में उठाकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। वर्दी सिर्फ जिम्मेदारी नहीं निभाती, जरूरत पड़ने पर सहारा भी बनती है। मानवता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का यह उदाहरण समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।"
Updated on:
26 Jun 2026 12:53 pm
Published on:
26 Jun 2026 12:51 pm
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