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ऐसा क्या हुआ कि सरकारी नेटवर्क से लोगों का भरोसा उठा, लाखों से सैकड़ों में रह गए उपभोक्ता

अपनी लचर सेवा की वजह से बीएसएनएल उपभोक्ताओं की संख्या से लिहाज से पिछड़ता जा रहा है।
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बेमेतरा

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Dakshi Sahu

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Updated: 12 Feb 2018, 8:03 AM IST

BSNL Office

BSNL Office

बेमेतरा. संचार क्रांति के दौर में मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ दौड़ में शासकीय कंपनी बीएसएनएल पिछड़ते जा रही है। लचर सुविधाओं के कारण जिले में लोगों का बीएसएनएल की लैंडलाइन सेवा व ब्राडबैंड सेवा से मोहभंग होता जा रहा है। एक समय जब बीएसएनएल लैंडलाइन के जिले में हजारों में उपभोक्ता हुआ करते थे, जो अब महज 558 ही रह गए हैं।

जिले में बीएसएनएल के 9 एक्सचेंज

बताना होगा कि जिले में भारत संचार निगम के 9 टेलीफोन एक्सचेज हैं, जहां से लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड व डाटा सेंटर के उपभोक्ताओं को सेवा मुहैया कराया जा रहा है। कभी हजारों उपभोक्ताओं को सेवा देने वाले कंपनी के पास अब सैकड़ों की संख्या में ही उपभोक्ता हैं, जिसमें बेमेतरा एक्सचेंज में लैंडलाइन के 360, ब्राडबंैड के 205 व डाटा लीज्ड के 38 उपभोक्ता हैं, इसी तरह बेरला में कुल 64 उपभोक्ता हैं, जिसमें लैंडलाइन के 40, ब्रॉडबैंड के 2, डाटा लीज्ड के 4 उपभोक्ता हैं। इसके अलावा और दाढी में 8, देवकर में 32, नवागढ़ में 38, खाती में 5, साजा में 120, संबलपुर में 4 और थानखम्हरिया में 64 उपभोक्ता हैं। इस तरह से जिले में कुल 938 उपभोक्ता हैं, जिसमें लैंडलाइन के 558, ब्रॉड बैंड के 321 और डाटा लीज्ड के 59 उपभोक्ता हैं। कुल मिलाकर जिले में एक हजार से अधिक उपभोक्ता है।

बेमेतरा एक्सचेंज में लाखों का खर्च

जानकारी के अनुसार, एक एक्सचेंज पर प्रति माह लाखों का खर्च किया जा रहा है, जिसमें एक बड़ा हिस्सा स्टाफ देखरेख पर खर्च किया जाता है। इसके अलावा वाहन व बिजली बिल पर प्रति माह केवल बेमेतरा एक्सचेंज में 75 हजार रुपए खर्च किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं से होने वाली आमदनी कंपनी के कामकाज के हिसाब से भारी पड़ रही है।

शासकीय कार्यालयों में सेवा भी कमजोर

जिले के ज्यादातर शासकीय कार्यालयों में बीएसएनएल की टेलीफोन व ब्रॉडबेंड सेवा का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद भी शासकीय कार्यालयों में लगाए गए कनेक्शन को से सुविधा कम शिकायत ज्यादा है। कलक्टेारेट में लगाए गए कनेक्शन को लेकर कई शिकायतें है, जिसे 6 महीने से दुरुस्त नहीं किया गया है। जब बड़े उपभोक्ताओं की नहीं सुनवाई हो रही है, तो छोटे ग्राहकों की शिकायतों का क्या हश्र होता होगा अंदाजा लगाया जा सकता है। यही वजह है कि उपभोक्ताओं की संख्या जो कभी हजारों में हुआ करती थी, अब सैकड़ों में आकर सिमट गई है।

मोबाइल की वजह से घटे उपभोक्ता

बीएसएनएल बेमेतरा-कवर्धा के मंडल अभियंता एके बागड़ी ने बताया कि मोबाइल की संख्या बढऩे से यह स्थिति बनी है। अब लैंडलाइन का चलन कम हुआ है, जिसके लिए प्लान शुरू कर फिर से उपभोक्ताओं को जोड़ा जाएगा।