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राजस्थान की घटना से सबक नहीं, जान जोखिम में डालकर बच्चे पढ़ने को मजबूर, कभी भी हो सकता है हादसा

Bemetara News: कुंभकर्ण छह महीने में जाग जाता था, पर बेमेतरा जिला प्रशासन डेढ़ साल में करवट नहीं लिया नतीजा यह कि अखबार को रोज तस्वीर भेजकर लोग सुशासन का मायने पूछ रहे हैं।

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राजस्थान की घटना से सबक नहीं (फोटो सोर्स-पत्रिका)

राजस्थान की घटना से सबक नहीं (फोटो सोर्स-पत्रिका)

CG News: कुंभकर्ण छह महीने में जाग जाता था, पर बेमेतरा जिला प्रशासन डेढ़ साल में करवट नहीं लिया नतीजा यह कि अखबार को रोज तस्वीर भेजकर लोग सुशासन का मायने पूछ रहे हैं। राजस्थान में स्कूल का छत गिरने से हुई छात्रों के मौत के बाद सौनपुरी, झिरिया, बोरदेही में बदलाव की उम्मीद थी, पर जिला प्रशासन को बड़ी घटना का इंतजार है।

झिरिया में छत गिर गया, सोनपुरी में पालीथिन ने प्रतिष्ठा बचाया है। डीईओ कहते हैं बीईओ को कहा गया है। बहरबोड़ में छत से पानी टपक रहा है, तो नवागढ़ में बस स्टैंड से आत्मानंद स्कूल जानें वाली सड़क में शनिवार को ई रिक्शा पलट गई। बोरतरा से मोहतरा रोड पक्की सड़क पगडंडी में तब्दील हो गई।

हर समस्या का सामना केवल छात्र कर रहे हैं। स्कूल जतन योजना फर्जीवाड़ा करने वालो को मिल रहें संरक्षण का भुगतना निर्दोष छात्र भुगत रहे हैं। बेमेतरा जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण आज जिले में स्कूल भवनों की स्थिति खराब है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने एक जुलाई 2024 के आदेेश की समीक्षा कर लें उन्हें पता चल जाएगा कि जनता के साथ क्या हो रहा है।