
प्रेमिका की सगाई रोकने पांच दोस्तों के साथ मिलकर की युवक की हत्या, कांस्टेबल भी वारदात में शामिल
बेमेतरा. वर्दी पहनकर युवक का अपहरण करने और सुतियापाट के जंगल में ले जाकर हत्या करने के मामले का खुलासा बुधवार को एसपी प्रशांत सिंह ठाकुर ने किया। थानखम्हरिया थाना अंतर्गत ग्राम सिंघनपुरी निवासी मृतक चेतन यादव (24) पिता फेरू यादव 3 फरवरी से लापता था। मंगलवार को उसका शव कबीरधाम के सुतियापाट जंगल में मिला। उन्होंने बताया कि इस मामले में पांच आरोपियों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने कड़ी पूछताछ करने पर 24 घंटे में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इस प्रकरण को सुलझाने वाली टीम में पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक सुनील डेवीड, खम्हरिया थाना प्रभारी जितेन्द्र बंजारे, साजा थाना प्रभारी कौशल किशोर वासनिक, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक मोहित चेलक तथा थाना खम्हरिया के स्टाफ शामिल हैं।
10 फरवरी को होने वाली थी सगाई
एसपी ठाकुर ने बताया कि चेतन हत्याकांड को पुलिस विभाग के निलंबित कांस्टेबल ने अपने पांच दोस्तों के साथ मिलकर अंजाम दिया है। पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। चेतन यादव का विवाह कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम दारगांव निवासी सजातीय लड़की से तय हो गया था। जिनकी सगाई 10 फरवरी को होने वाली थी। उस लड़़की का उसी गांव के हरीश साहू (25) पिता बुधराम साहू के साथ प्रेम प्रसंग था। जिसकी वजह से हरीश उस लड़की की शादी दूसरी जगह होने नहीं देना चाहता था। इसी वजह से उसने अपने कांस्टेबल मित्र सहित पांच दोस्तों की मदद से चेतन का अपहरण किया, सुतियापाट जंगल ले जाकर उसकी हत्या कर दी और पहचान छुपाने के उद्देश्य से उसके शव को जला दिया।
वर्दी पहनकर चेतन के घर आए थे तीन आरोपी
एसपी ठाकुर ने बताया कि 3 फरवरी को रात 9.30 बजे चेतन के घर पुलिस की वर्दी में तीन युवक पहुंचे और चोरी के मामले में नाम आने की बात कहते हुए बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए। दो घंटे तक चेतन के नहीं लौटने पर परिजन ने थानखम्हरिया थाने जाकर जानकारी ली, तब उन्हें चेतन का अपहरण हो जाने की शंका हुई। इसके बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही थी। इसी दौरान 5 फरवरी को कबीरधाम जिले के सुतियापाट जंगल में युवक की अधजली लाश मिलने की सूचना मिली। जिसकी पहचान के लिए चेतन के परिजन ने की। मामले में हत्या का अपराध दर्ज कर पुलिस ने संदेहियों की खोजबीन शुरू कर दी। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर 10 घंटे के भीतर पांच संदेहियों को गिरफ्तार कर कड़ी पूछताछ की गई। जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। पांचों आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया है। वहीं एक फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
पांच आरोपी गिरफ्तार, एक अभी भी फरार
इनको किया गिरफ्तार चेतन के अपहरण और फिर उसकी हत्या के मामले में थान खम्हरिया पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें से चार आरोपी कबीरधाम और एक आरोपी बिलासपुर जिले का निवासी है। वहीं एक आरोपी पेंड्रीखुर्द निवासी पालू उर्फ जयपाल कौशिक (35) पिता धनुष लोधी अभी भी फरार है। गिरफ्तार आरोपियों में थानखम्हरिया पुलिस ने युवक की हत्या के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें स.लोहारा थाना के ग्राम दारगांव निवासी हरीश साहू (25) पिता बुधराम साहू, बोड़ला थाना के ग्राम बैजलपुर निवासी आरक्षक सियाराम श्याम (गोड़) (38) पिता राजाराम, रामनगर कबीरधाम निवासी विजय गंधर्व (24) पिता रोहित गंधर्व, पंडरिया थाना के ग्राम पलानसरी निवासी पवन निर्मलकर (23) पिता कपिल निर्मलकर और बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना के ग्राम ओखर निवासी विकास साहू (22) पिता जागेश्वर साहू शामिल हैं।
युवती के प्रेमी ने दोस्तों के साथ मिलकर रची थी साजिश
चेतन की सगाई जिस लड़की से होने वाली थी उसके प्रेमी हरीश ने कांस्टेबल सियाराम सहित पांच दोस्तों की मदद से घटना को अंजाम दिया। इस वारदात में कांस्टेबल सियाराम ने मुख्य भूमिका निभाई। कांस्टेबल सियाराम ने खुद पुलिस की वर्दी पहनी और अपने दोस्त को दूसरी वर्दी पहनाकर चेतन का अपहरण किया। बाद में कवर्धा के जंगल में उसे जलाकर मार डाला।
चेतन को दौड़ाया, फिर लोहे की राड से सिर पर किया प्रहार
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मुख्य आरोपी हरीश सहित सभी 6 आरोपियों ने 3 फरवरी को रात 8 बजे पालु उर्फ जयपाल के घर में मीटिंग कर चेतन की हत्या करने की योजना बनाई। जिसके डेढ़ घंटे बाद योजनानुसार कांस्टेबल सियाराम और विकास पुलिस की वर्दी में चेतन के घर पहुंचे और उसे बहाने से अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले आए। इसके बाद रास्ते में विजय व पवन भी दूसरी बाइक पर इनके साथ हो लिए। जबकि जयपाल व हरीश गांव से 3 किमी दूर हाड़ाडुली मोड़ पर इंतजार कर रहे थे। यहां से सभी आरोपी चेतन को लेकर एक साथ कबीरधाम जिले के सुतियापाट जंगल चले गए। जहां बाइक से उतरते ही अपनी जान बचाने के लिए चेतन भागने लगा। जिसे सियाराम, विकास व विजय ने दौड़ाकर पकड़ लिया। इसके बाद जयपाल ने घर से लाए लोहे की मोटी राड से चेतन के सिर पर कई प्रहार किया। जिससे चेतन की मौत हो गई। फिर सियाराम ने बाइक की डिक्की से पेट्रोल का डिब्बा निकालकर चेतन की लाश पर डालकर उसे आग लगा दी।
जेल में हुई थी आरोपियों की दोस्ती
चेतन हत्याकांड के 6 आरोपियों में से 4 आरोपी पहले भी अलग-अलग मामले में जेल जा चुके हैं। जिसमें से वर्दीधारी आरोपी सियाराम निलंबित आरक्षक है और वर्तमान में रक्षित केंद्र कबीरधाम में पदस्थ था। कांस्टेबल सियाराम धोखाधड़ी (420) के मामले में, पवन निर्मलकर दैहिक शोषण्, पालु उर्फ जयपाल मारपीट और विकास साहू बलात्कार के मामले में कवर्धा जेल में थे। जेल में ही इनकी दोस्ती हुई। चारों आरोपियों में से विकास साहू की दोस्ती मुख्य आरोपी हरीश साहू से थी।
Published on:
07 Feb 2019 07:15 am
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