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कुछ शर्म करो, न टाइम पर पासपोर्ट बनाया न फंड जारी किया, तीन ग्रामीण खिलाड़ी आस्ट्रेलिया जाने से चूके

प्रदेश में ऐसे 11 खिलाड़ी अैार हैं, जिन्हे एक चूक के कारण इस स्वर्णिम अवसर से चूकना पड़ा है।

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बेमेतरा. एडीलेड (आस्ट्रेलिया) में 2 से 9 दिसंबर तक होने जा रही पेसेफिक स्कूल गेम्स चैंपियनशिप-2017 के लिए चयनित तीन खिलाडिय़ों को समय पर पासपोर्ट नहीं बन पाने व फंड जारी करने मे हुए विलंब के कारण प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर गंवाना पड़ा है। प्रदेश में ऐसे 11 खिलाड़ी अैार हैं, जिन्हे एक चूक के कारण इस स्वर्णिम अवसर से चूकना पड़ा है। जिसमें नेटबॉल स्पर्धा में भाग लेने वाले 5 खिलाड़ी भाटापारा और बॉस्केटबॉल के तीन खिलाड़ी अन्य जिलों के हैं।

स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया के नेशनल प्रतियोगिता में अपने बेहतर प्रदर्शन से चयनित होने वाले सॉफ्टबाल के खिलाड़ी खिलेश्वर कुमार, प्रिंस सिंह व गया प्रसाद का चयन 2 दिसंबर से 9 दिसंबर तक एडीलेड (आस्ट्रेलिया) में होने जा रही अंतरराष्ट्रीय पेसेफिक स्कूल गेम्स चैम्पियनशिप-2017 के लिए किया गया था। जिन्हें दो महीने पहले संभावित 17 आयु वर्ग के टीम के संभावित 30 खिलाडिय़ों के लिए जारी सूची में शामिल किया गया था।
जिसके बाद खेलने वाले टीम का चयन किया जाना था।

बताया गया कि सॉफ्ट बॉल के श्रेष्ठ खिलाडिय़ों का चयन सेलेक्शन ट्रॉयल नेशनल गेम्स के दैारान किया गया था। जिन्होंने वर्ष 2014 -15,,2015-16 2016-17 में राष्ट्रीय शालेय खेल प्रतियोगिता में सहभागिता की तथा वर्तमान में निर्धारित आयु के आधार पर पात्र थे। जिसके बाद सूची जारी की गई थी। इसके बाद जिले के जेवरा शासकीय स्कूल में पढऩे वाले कक्षा 11वीं के तीनों खिलाडिय़ों का अभ्यास व प्रशासनिक तौर पर एक खिलाडिय़ों के लिए फंड जारी करने व पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया भी शुरू किया गई थी।

पूरी प्रकिया 7 नवंबर तक पूरा करने के बाद पासपोर्ट व 2 लाख 50 हजार रुपए का बैंक ड्राफ्ट फलाईट पोस्ट से फेडरेशन के पुणे कार्यालय भेजा गया था। लेकिन जिले के तीनों खिलाडिय़ों को निर्धारित तिथि के बाद पासपोर्ट व ड्राफ्ट प्रस्तुत करने के कारण फेडरेशन द्वारा टीम में शामिल नहीं किया गया। जिसकी सूचना 26 नवंबर को दी गई।

3 नवंबर तक मंगाए थे दस्तावेज
स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया के पुणे कार्यालय में दस्तावेजों को 3 नवंबर तक भेजना था पर पासपोर्ट व फंड का 7 नवंबर तक बनाया गया। जिसके बाद पुणे कार्यालय में संपर्क करने पर पासपोर्ट व फंड भेजने की बात कही गई पर जब दस्तावेज पहुंचा तो देरी का कारण बताते हुए तीनों के चयन को निरस्त कर दिया गया। तीनों चयनित खिलाड़ी ग्रामीण परिवेश के हैं, जिन्होंने कभी विदेश जाने का नहीं सोचा था, इसलिए पासपेार्ट नहीं बनवाए थे। जिसे आनन-फानन में बनवाना पड़ा था। साथ ही फंड शासन से आना था।

दोनों कार्यवाही में देर होने के कारण जहां के खिलाडिय़ों ने दोनों प्रक्रिया पहले पूरी की, उनका चयन इन खिलाडिय़ों के स्थान पर किया गया। छत्तीसगढ़ से 14 खिलाडिय़ों का चयन विभिन्न खेल के लिए हुआ था। जिसमें से 11 खिलाडिय़ों का चयन इन्हीं कारणों से निरस्त किया गया है। जिसमें जिले के 3 खिलाड़ी भी शामिल हैं। अब मात्र 3 बालिकाएं छत्तीसगढ की ओर से नेटबाल में एडीलेट में खेलेंगी।

जेवरा स्कूल में पढऩे वाले प्रिंस सिह ने बताया कि वह अब तक ओपन व स्कूल प्रतियोगिता में 9 बार नेशनल खेल चुका है। वह पटियाला, जलगांव, भिलाई, बुरहानपुर, जोधपुर , औरंगाबाद, रोहतक में आयेाजित राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में खेलकर मेडल प्राप्त कर चुका है। दूसरे चयनित खिलाड़ी गया प्रसाद ने 5 बार नेशनल खेला है। जिसमें वह कवर्धा, बिलासपुर , कटक भिलाई, इदैार में प्रदर्शन कर मैडल जीत चुका है। खिलेश्वर कुमार ने कबीरधाम व बिलासपुर में आयेाजित प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन किया है। जिसके आधार पर चयन किया गया था।

कोच मृत्युंजय शर्मा ने बताया कि जिले के लिए तीनों खिलाडिय़ों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। एडीलेट में आयोजित प्रतियोगिता के लिए चयनित होना गौरव की बात थी पर दो दिन पहले निरस्त किए जाने की जानकारी दी गई, जो निराशाजनक है। कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने बताया कि तीनों खिलाडिय़ों का वीजा नहीं बन पाने के कारण अवसर नहीं मिल पाया है। जो अफसोसजनक है। पर तीनों खिलाड़ी हताश न हों, प्रैक्टिस जारी रखें। आनेे वाले समय में अंडर 19 की टीम के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। वीजा नियमों के कारण प्रदेश में 11 खिलाड़ी प्रभावित हुए हैं।