
नवागढ़/बेमेतरा. गांव में पेयजल संकट का समाधान, जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में चंदा आडिटर को खर्चा, वीआईपी आगमन में व्यय, 26 जनवरी, 15 अगस्त के राष्ट्रीय पर्व में व्यय ग्राम पंचायतों के सरपंच को वहन करना पड़ता है।
इस स्थिति में यदि ग्राम पंचायतों को आवंटित राशि को वापस ले लिया जाए तो स्थिति क्या होगी। खासकर नवागढ़ विधानसभा में जहां गंभीर पेयजल संकट की स्थिति है। सरपंच 12 महीने पानी का परिवहन कराते हैं।
सचिवों को आदेश दिया
नवागढ़ जनपद पंचायत के सीईओ विनायक शर्मा ने पत्र लिखकर सरपंचों व सचिवों को आदेश दिया है कि 14 वें वित्त आयोग के मूल आवंटन राशि में से 70 प्रतिशत की राशि संचार क्रांति योजना के तहत व्यय करने का निर्देश प्राप्त हुआ है।
टावर की क्षमता बढ़ाने की अनिवार्यता
ग्राम पंचायत विकास योजना वर्ष 2017-18 में पूरक कार्य योजना बनाकर एवं वर्ष 2018-19 की वार्षिक कार्य योजना में नवीन मोबाइल टावर खड़ा करने या पूर्व स्थित टावर की क्षमता बढ़ाने की अनिवार्यता को शामिल करने का निर्देश जारी किया गया है।
नेटवर्क कवरेज हेतु 70 प्रतिशत राशि पत्र में दिए गए बैंक के खाते में डालें व इस कार्यालय को अवगत कराएं। गांगपुर, सिवनी, घठोली, जेवरा एन, नेऊर, धनौरा, कंवराकांपा, मेढ़की एवं भिलौनी पंचायत को इस आदेश से मुक्त रखा गया है।
फरमान ठीक नहीं
भीमपुरी सरपंच सुधेश श्रीवास्तव, गनिया सरपंच भागवत साहू, गोपालभैना सरपंच मिंटू बिसेन, सरपंच कल्याण, मीना साहू, लूर सिंह, शत्रुहन, शंकर साहू, तुकाराम, कार्तिक एवं अमोलक ने कहा कि यह पंचायतों के साथ अन्याय है।
दो दिन का समय दिया गया
सरकार पंचायतों को पानी क्या मोबाइल टावर से पिलाएगी। यह निर्णय पंचायती राज को समाप्त करने की साजिश है। पत्र के अलावा सीईओ के मोबाइल में संदेश दिया गया है कि जनपद पंचायत में सोनी बाबू से फॉर्म लेकर चेक बनाकर आरटीजीएस करें। इसके लिए दो दिन का समय दिया गया है।
Published on:
08 Jan 2018 01:11 pm
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