जिले में 154 गांवों में पेयजल संकट की स्थिति है। बेमेतरा विकासखंड में 35 गांव प्रभावित हैं, जिसमें बेरा, बेतर, उमरिया, कापा, तेदुभांठा, सिरंवाबाधा, बिलाई, मुड़पार, करचुवा, ढारा, नवागांव, भोइनाभाठा, कंतेली, बहेरा, लोलेसरा, बैजी, गागपुर, बहुनवागांव, खंडसरा, रायखेड़ा, जगमड़वा, मोहतरा, लावातरा, चमारी, झाझाडीह, ढेालिया, धनगांव, करचुवा, मरका, मुलमुला, खपरी, खाम्ही, पेंड्रीतराई व कोसा में स्थिति खराब है। नवागढ़ विकासखंड के ग्राम रनबोड धोधरा, मानिकपुरी, गाड़ामोर, खपरी, धरमपुरा, भैसामुड़ा, बैजलपुर, लालपुर सहित 80 गांवों में पेयजल संकट की स्थिति है। साजा विकासखंड के बनियाडीह, खैरा, कन्हेरा, ओडिया, अगरी, अकोला, चिखली, बनराका टिपनी, दर्री, गातापार, बोरिया, पदमी, किरकी सहित 37 गांवों में पेयजल संकट है, वहीं बेरला विकासखंड के सिगंदेही व कठिया में पेयजल संकट की स्थिति हैंडपंपों के खराब होने के कारण बनी है।