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बाघ इतना शातिर कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अफसरों को दे रहा चकमा

बाघ को पकडऩे बांध पर दौड़ाए दो हाथी, चार जेसीबी मशीन, नहीं मिली सफलता, जारी है सर्चिंग

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सारनी. नवमें दिन भी बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई। पकडऩे के सारे प्रयास वन विभाग और एसटीआार की टीम द्वारा किए गए। लेकिन सफलता नहीं मिली। वहीं शहरी क्षेत्र में बाघ की दहशत बरकरार है। धारा 144 लागू है। सोमवार को चार हाथियों से बाघ की सर्चिंग करने की तैयारी है। रविवार को वन विभाग, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और पुलिस विभाग के करीब 150 अधिकारी, कर्मचारियों ने राख बांध के कंपार्टमेंट-सी में बाघ पकडऩे की कोशिश की। टाइगर को थकाने के बाद आखिरी वक्त में जब सफलता मिलने की उम्मीद जागी तो बरसात ने पानी फेर दिया। इतनी जोरदार बरसात हुई कि सभी भीग गए और बांध कीचड़ में तब्दील हो गया। मजबूरन रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। रविवार को अलसुबह से 4 जेसीबी और 2 हाथी की मदद से 138 हेक्टेयर के कंपार्टमेंट-सी में वन विभाग, एसटीआर की टीम द्वारा सर्चिंग कर बाघ को पकडऩे का प्रयास किया गया। इस दौरान बांध को जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए थे। वहीं राख उठाव का कार्य भी रोक दिया गया। इस वजह से बांध पर चलने वाले डंपर स्टेट हाइवे के दोनों छोर पर दिन भर खड़े रहे।

पुलिस ने उपलब्ध कराए वायरलेस सेट
शहर में टाइगर की दस्तक के बाद धारा 144 लागू कर दी गई। बाघ को पकडऩे का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। लेकिन बाघ इतना शातिर है कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के आलाअफसरों को तक चकमा दे रहा है। शहर में दहशत फैलती देख पुलिस प्रशासन भी सजग हो गया और वन विभाग की मदद में 7 वायरलेस सेट उपलब्ध कराए गए। ताकि बाघ को पकडऩे में संचार सेवा की पर्याप्त सुविधा मिल सके। एसडीओपी एमएस बडग़ूजर स्वयं राख बांध पर सुबह से दोपहर तक डटे रहे और वन विभाग की मदद करते नजर आए। इतना ही नहीं। मौके पर डायल 100 और पुलिस के जवान भी मौजूद रहे। एसडीओपी द्वारा बाघ को पकडऩे के अभियान में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

गाय का किया शिका
राख बांध पर बाघ द्वारा गाय का शिकार किया गया है। बांध पर सरपट घास, ऊंची और घनी झाडिय़ां होने के अलावा पालतू पशुओं के चरने जाने व जंगली जानवरों की मौजूदगी बनी रहती है। इस वजह से बाघ का आसानी से शिकार उपलब्ध हो जाता है। पास में ही नदी, नाले है। इन सभी के चलते बाघ की उपस्थिति लगातार बनी है। अच्छी बात यह है कि बाघ की उपस्थिति फिलहाल शहरी क्षेत्र से बाहर है। लेकिन शहरी क्षेत्र में प्रवेश से इंकार भी नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि सबसे पहले जहां बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई थी। वहां रेस्क्यू जारी है। हालांकि बांध से एबी-टाइप कालोनी तक लगाए गए प्वाइंट हटा लिए गए हैं

इनका कहना
बाघ को पकडऩे की कोशिश जारी है। 150 से अधिक स्टॉफ सर्चिंग में लगा है। रेस्क्यू में बरसात बाधा बन गई। शाम होने के चलते रेस्क्यू बंद कर दिया गया। सर्चिंग जारी है। एक ही बाघ के साक्ष्य मिले हैं दूसरे के नहीं। सोमवार से और दो हाथी की मदद ली जाएगी।
राखी नंदा, डीएफओ, सामान्य उत्तर वन मंडल, बैतूल