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फास्टटैग से धोखाधड़ी ! घर के बाहर खड़ी कार का 295 किमी. दूर कटा टोल टैक्स

फास्टटैग से धोखाधड़ी के दो मामले आए सामने...NHAI से कार मालिकों न की शिकायत..

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बैतूल. टोल टैक्स भुगतान को आसान बनाने के लिए फास्टटैग की शुरुआत की गई है लेकिन फास्टटैग की ये सुविधा अब साइबर अपराधियों के निशाने पर आती नजर आ रही है। बैतूल जिले में दो ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें फास्ट टैग के जरिए ठगी हुई है। यहां दो व्यापारियों की कार के क्रमश दो अलग अलग टोल टैक्स पर पैसे काटे गए जबिक दोनों ही कारें व्यापारियों के घरों के बाहर खड़ी थीं। दोनों व्यापारियों ने अपने साथ ही हुई इन घटनाओं की शिकायत एनएचएआई से की है।

पहला मामला-
बैतूल के उद्योगपति अंबेश बलवापुरी अपनी कार से 3 जुलाई को छिंदवाड़ा गए थे। रास्ते में मिलानपुर और चिखली टोल प्लाजा पार करने पर उनके फास्टटैग से पैसे कटे। अंबेश बलवापुरी 4 जुलाई को भी छिंदवाड़ा में ही ठहरे लेकिन 4 जुलाई की रात करीब 8.30 बजे उनके फोन पर मैसेज आया कि उनके फास्टटैग खाते से यवतमाल के केलापुर टोल प्लाजा पर 90 रुपए कटे हैं। जबकि उनकी कार छिंदवाड़ा में ही थी। जिस जगह के टोल टैक्स का मैसेज अंबेश के पास आया था वो छिंदवाड़ा से करीब 295 किमी. दूर है।

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दूसरा मामला
दूसरा मामला बैतूल के सर्राफा कारोबारी उषभ गोठी का है। उषभ गोठी ने बताया कि उनके फोन पर गुरुवार को शाम करीब 4 बजे मैसेज आया जिनमें उनके फास्टटैग से महाराष्ट्र के पाटन सावंगी में 90 रुपए का टोल टैक्स कटने की जानकारी थी। मैसेज देखकर वो हैरान रह गए और तुरंत घर के बाहर आकर अपनी गाड़ी देखी तो कार घर के बाहर ही पार्क थी। जबकि कार का टोल टैक्स बैतूल से करीब 175 किमी. दूर पाटन सावंगी में कटा था। उन्होंने भी एनएचआई से तुरंत इस मामले की शिकायत की।

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ये है खतरा
जानकारों का कहना है कि ऐसा हो सकता है कि किसी शातिर अपराधी ने नकली नंबर प्लेट लगाकर और किसी तरह से पीड़ित के फास्टैग खाते से अपना खाता लिंक कर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। ऐसे में आशंका ये है कि अगर उक्त अपराधी द्वारा किसी आपराधिक घटना को अंजाम दिया जाता है तो उस स्थिति में पीड़ित फंस सकते हैं क्योंकि टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरे और उनके खाते से कटे टोल टैक्स के पैसे उनके खिलाफ अहम सबूत साबित हो सकते हैं।

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