
बाहुबली पूर्व विधायक विजय मिश्र
साल 2009 के आर्म्स एक्ट मामले में सोमवार को एसीजेएम साधना गिरी की कोर्ट ने बाहुबली पूर्व विधायक विजय मिश्र को दो साल जेल की सजा सुनाई। ज्ञानपुर के पूर्व विधायक विजय मिश्र वर्तमान में आगरा जेल में बंद हैं। सोमवार को कोर्ट सुनवाई के लिए आगरा जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया। चार बार विधायक रहे विजय मिश्र पर 70 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। बसपा सरकार में उनके खिलाफ साल 2009 में पुलिस ने आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था। उसके बाद समाजवादी पार्टी की सरकार आने के बाद मुकदमे की सुनवाई लंबित हो गई। हालांकि 2020 में जेल जाने के बाद उनके नए और पुराने मामले में सुनवाई तेज हुई।
करीब 13 साल कोर्ट ने सुनाया फैसला
आखिरकार करीब 13 साल चली सुनवाई के बाद सोमवार कोर्ट ने फैसला सुना ही दिया। भदोही एसीजेएम साधना गिरी ने आर्म्स एक्ट 2009 के मुकदमे में विजय मिश्र को दो साल जेल की सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश पांडेय और सहायक जिला अभियोजन अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि, आर्म्स एक्ट के मुकदमे में कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है।
विजय मिश्र चार बार रहे विधायक
विधायक विजय मिश्र तीन बार सपा और चौथी बार निषाद पार्टी से विधायक चुने गए। ज्ञानपुर विधानसभा एक ऐसी सीट थी जिस पर आजादी के बाद कोई दोबारा विधायक नहीं हुआ लेकिन विजय मिश्र इस सीट से चार बार विधायक हुए। जिसे लेकर उन पर आरोप लगते रहे कि, वे अपने बाहुबल से जीत दर्ज करते हैं। वर्ष 2017 में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनका टिकट काट दिया था।
विजय मिश्र का सपा से बगावत
तब विजय मिश्र यह बर्दाश्त नहीं कर सके और सपा से बगावत कर निषाद पार्टी से चुनाव लड़े और जीते। 18 अक्तूबर 2020 को बनारस की एक गायिका ने गोपीगंज थाने में विजय मिश्र के खिलाफ गैंग रेप का मामला दर्ज कराया। विधायक के ऊपर नए पुराने कुल 70 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। साल 2020 में पुलिस ने विजय मिश्र को तब गिरफ्तार कर लिया जब वो उज्जैन से महाकालेश्वर के दर्शन कर लौट रहे थे। तभी से वो आगरा जेल में निरुद्ध हैं।
Published on:
17 Oct 2022 04:50 pm

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