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GST के खिलाफ सड़क पर उतरा कालीन उद्योग, यूपी में हुआ ऐतिहासिक प्रदर्शन

भदोही में कालीन उद्योग की ओर से निकाला गया जीएसटी के विरोध में बड़ा मार्च।

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Mohd Rafatuddin Faridi

Jul 19, 2017

Carpet Industry Historical Protest against GST

Carpet Industry Historical Protest against GST

भदोही. जीएसटी को लेकर विरोध लगातार मुखर होता जा रहा है और विरोध के इस कारवां में कड़ियां जुड़कर इसे और बड़ा बनाती जा रही हैं। पहले सूरत के कपड़ा उद्योग फिर बनारस के बनारसी साड़ी और अब भदोही के कालीन उद्योग भी जीएसटी के खिलाफ सड़क पर उतर आया है। भदोही में बुधवार को अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ के कार्यालय से बड़ा जीएसटी विरोध मार्च निकाला गया। इसमें कालीन निर्यातकों और निर्माताओं से लेकर बुनकर तक सभी शामिल हुए। केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। दावा किया गया है कि इस मार्च में 30 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए।



जीएसटी लागू होने के बाद कपड़ा उद्योग और कालीन उद्योग पर 18 प्रतिशत का टैक्स लगा दिया गया है। इससे सम्बन्धित उद्योग से जुड़े लोगों को शिकायत है कि यह उनके कारोबार को बरबाद कर देगा। उत्पादन लागत बढ़ेगी और मजदूरों की मजदूरी कम हो जाएगी। दोनों हालात मिलकर अंत में उनके उद्योग को बड़ा नुकसान पहुंचाएंगे। इसके चलते कालीन उद्योग से जुड़ लोग भी जीएसटी का विरोध कर रहे हैं।



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अपने इसी विरोध को लेकर बुधवार को वो लोग सड़कों पर उतरे। दावा किया गया कि जीएटी के खिलाफ निकाले गए यह यूपी के बड़े प्रदर्शनों में से एक बताया गया। सड़क पर 30 हजार से ज्यादा लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जीएसटी के खिलाफ अपना गुस्सा दिखाया। उन्होंने कालीन उद्योग से जीएसटी हटाने की मांग की। मार्च शहर के मर्यादपट़टी स्थित अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ के कार्यालय से निकाला गया जो भदोही तहसील पहुंच कर समाप्त हुआ।




यहां मार्च में शामिल विभिन्न कालीन उद्योग से जुड़े संगठनों ने कालीन उद्योग से जीएसटी हटाने के लिए केन्द्र सरकार को संबोधित मांग पत्र उप जिलाधिकारी को सौंपा। जीएसटी को हटाने की मांग कर रहे कालीन उद्योग से जुड़े संगठनों का आरोप है कि पहले कभी भी कालीन उद्योग पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं था, लेकिन कालीन उद्योग और इससे जुड़े बुनकरों मजदूरों पर जीएसटी में 18 फीसदी टैक्स लगाया गया है जिससे कालीन उद्योग का बड़ा नुकसान होगा। बुनकरों मजदूरों की मजदूरी कम हो जायेगी वहीं उत्पादन पर लागत अधिक बढ़ेगा जिससे निर्यात में कमी आने की पूरी संभावना है। विरोध मार्च में शामिल अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ, कालीन निर्यात संवर्धन परिषद सहित कई संगठनों और बुनकरों मजदूरों की मांग किया कि जल्द से जल्द कालीन उद्योग पर लगाए गए जीएसटी को वापस लिया जाय।