यहां मार्च में शामिल विभिन्न कालीन उद्योग से जुड़े संगठनों ने कालीन उद्योग से जीएसटी हटाने के लिए केन्द्र सरकार को संबोधित मांग पत्र उप जिलाधिकारी को सौंपा। जीएसटी को हटाने की मांग कर रहे कालीन उद्योग से जुड़े संगठनों का आरोप है कि पहले कभी भी कालीन उद्योग पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं था, लेकिन कालीन उद्योग और इससे जुड़े बुनकरों मजदूरों पर जीएसटी में 18 फीसदी टैक्स लगाया गया है जिससे कालीन उद्योग का बड़ा नुकसान होगा। बुनकरों मजदूरों की मजदूरी कम हो जायेगी वहीं उत्पादन पर लागत अधिक बढ़ेगा जिससे निर्यात में कमी आने की पूरी संभावना है। विरोध मार्च में शामिल अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ, कालीन निर्यात संवर्धन परिषद सहित कई संगठनों और बुनकरों मजदूरों की मांग किया कि जल्द से जल्द कालीन उद्योग पर लगाए गए जीएसटी को वापस लिया जाय।