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बारिश के लिए अपनाएं जा रहे तरह-तरह के टोटके, भीषण गर्मी से लोग बेहाल

पुराने समय से चली आ रही परम्परा के जरिए इंद्र देव को प्रसन्न करने की कोशिश
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भदोही

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Sunil Yadav

Jun 25, 2018

बारिश के लिए अपनाएं जा रहे तरह-तरह के टोटके, भीषण गर्मी से लोग बेहाल

बारिश के लिए अपनाएं जा रहे तरह-तरह के टोटके, भीषण गर्मी से लोग बेहाल

भदोही. जिले में पड़ रही भीषड़ गर्मी और बारिश न होने की वजह से जनजीवन अस्त व्यस्त है। हर कोई बारिश का इंतजार कर रहा है। बारिश न होने से सबसे ज्यादा बुरा हाल किसानों का है। जिसे लेकर ग्रामीण इलाकों में बारिश के लिए कई तरह के टोटके किये जा रहे है। इनमें प्रमुख टोटका काल कलौटी है। जिसे इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है।

जानकारों की माने तो यह परम्परा काभी पुरानी और बारिश न होने पर यह टोटका किया जाता है कहा जाता है कि जब पानी नहीं बरसता तो लोग कई तरह से ईश्वर से बारिश के लिए प्रार्थना करते है। कही लोग पूजा पाठ करते हैं, तो कही महिलाये खेतों में हल चलाती है तो कई इलाकोमें मेंढक की शादी भी कराई जाती है। वहीं पूर्वांचल के कई जिलों में एक अलग तरह का टोटका होता है। काल कलौटी में गांव के बच्चे ग्रामीणों के घरों के सामने मिटटी में पानी में लोटते है और गांव के लोग बच्चो पर पानी डालते है

कीचड में लोटते वक्त यह बच्चे कई तरह के गीत भीगाते है इन गीतों में सबसे लोकप्रिय गीत है " कालकलौटी खेली थै, काले बादर पानी दे। कानी कौड़ी रेतमाँ ,पानी बरसे खेत माँ "। मान्यता है की बच्चों के इस तरह के खेल और गीतों से इंद्रदेव को लोकपीडा काअहसास होता है और फिर बारिश होती है।

वहीं बारिश की राह देख रहे किसान राम लखन इस परम्परा को लेकर कहते है कि पहले बारिश न होने पर इस परम्परा के निर्वहन के लिए गांवों में भारी संख्या में लोग निकलते थे और निभाते थे। काल-कलौटी खेलने के लिए बड़े-बड़े सरदार भी गावों में घूमकर इस परम्परा को निभाते थे इनके साथ बच्चों का हुजूम होता था। साथ ही एक प्रचलित लोक गीत के जरिए इंद्र देव से प्रर्थना करते थे। जिसके बाद भारी बारिश होती थी।

By- महेश जायसवाल