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Bengal Election 2026: I-PAC पर 20 दिन की रोक, TMC ने बताया- चुनाव से पहले साजिश

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 से पहले I-PAC के 20 दिन काम बंद करने की खबर सामने आई, जिस पर टीएमसी ने प्रतिक्रिया दी है और इसे पूरी तरह गलत और अफवाह बताया है।

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भारत

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Harshita Saini

Apr 19, 2026

I-PAC Bengal controversy, Bengal election 2026, Mamata Banerjee election strategy

I-PAC पर 20 दिन की रोक की खबर से ममता बनर्जी को लगा झटका (सोर्स-IANS)

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव को लेकर पहले से ही माहौल गर्म है और इसी बीच एक खबर सामने आई, जिसमें कहा गया कि इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) ने 20 दिनों के लिए अपना काम रोक दिया है। इस खबर से राजनीतिक माहौल में और हलचल मच गई। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है। पार्टी का कहना है कि यह खबर सिर्फ लोगों को भ्रमित करने और चुनावी माहौल बिगाड़ने के लिए फैलाई गई है। टीएमसी ने साफ किया कि ग्राउंड पर उनकी तैयारी पहले की तरह जारी है और किसी तरह की रुकावट नहीं आई है।

I-PAC पर विवाद और TMC का जवाब

टीएमसी ने अपने बयान में कहा कि उन्हें एक मीडिया रिपोर्ट के बारे में जानकारी मिली है जिसमें यह दावा किया गया है कि I-PAC ने अगले 20 दिनों के लिए पश्चिम बंगाल में अपने ऑपरेशन रोक दिए हैं।' यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद है और लोगों को भ्रमित करने के लिए एक सोची-समझी साजिश है। आगे उन्होंने कहा कि I-PAC की वेस्ट बंगाल टीम AITC के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही है और पूरे राज्य में चुनावी अभियान प्लानिंग के अनुसार जारी है।

उसके बाद बयान में कहा गया कि बंगाल के लोग इन कोशिशों को समझने में पूरी तरह सक्षम हैं और इसका जवाब भी देंगे। 23 और 29 तारीख को मतदान में लोग इसका जवाब देंगे और 4 मई को चुनाव का रिजल्ट जनता का फैसला दिखाएगा।

रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब Deccan Herald की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईडी (ED) की कार्रवाई के बाद I-PAC ने अस्थायी रूप से अपना काम रोक दिया है। रिपोर्ट में कोयला तस्करी केस का जिक्र करते हुए कहा गया कि एजेंसी की जांच के चलते यह फैसला लिया गया। हालांकि, टीएमसी ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि इस तरह की खबरों का कोई आधार नहीं है।

गिरफ्तारी और छापों का भी जिक्र

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, इस महीने की शुरुआत में दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता में संगठन से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। खबर के अनुसार कोलकाता ऑफिस के कर्मचारियों को 20 दिन की छुट्टी लेने को कहा गया और 11 मई को आगे की स्थिति पर फैसला लेने की बात कही गई।

I-PAC की भूमिका और राजनीतिक कनेक्शन समझिए

I-PAC की शुरुआत 2013 में प्रशांत किशोर ने की थी। आज यह देश की एक बड़ी चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था मानी जाती है। यह पहली बार ज्यादा चर्चा में तब आई थी, जब इसने नरेंद्र मोदी के 2014 के चुनाव अभियान में काम किया था। इसके बाद I-PAC ने आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, DMK और टीएमसी जैसी कई बड़ी पार्टियों के साथ काम किया। अब 2026 के पश्चिम बंगाल चुनाव में भी इसे टीएमसी की एक अहम रणनीतिक टीम माना जा रहा है।