रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध को लेकर एक बार फिर शांति वार्ता की उम्मीद नजर आ रही है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब भी शांति समझौते के लिए तैयार हैं, लेकिन क्रेमलिन का कहना है कि रूस अपने मुख्य लक्ष्यों से पीछे नहीं हटेगा। यह बयान क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने दिया। पेस्कोव ने कहा कि पुतिन पहले भी कई बार ये इच्छा जता चुके हैं कि यूक्रेन में शांति स्थापित की जाए, लेकिन यह एक लंबी और कठिन प्रक्रिया है। उन्होंने ये भी दोहराया कि रूस की प्राथमिकता अपने साफ तय किए गए लक्ष्यों को हासिल करना है।
इस बीच यूक्रेन की तरफ से भी नई पहल सामने आई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि शांति वार्ता की गति बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि यूक्रेन के सुरक्षा परिषद सचिव उमेरोव ने रूस को अगले हफ्ते नई बातचीत के लिए प्रस्ताव दिया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पेस्कोव ने कहा कि दुनिया ट्रंप की कभी-कभी तीखी भाषा की आदी हो चुकी है, लेकिन ट्रंप ने यह भी साफ किया है कि वो रूस के साथ शांति समझौते की कोशिशों के पक्ष में हैं। ट्रंप ने हाल ही में यूक्रेन को नए हथियार देने का ऐलान किया था और साथ ही चेतावनी दी कि अगर रूस 50 दिनों के भीतर शांति समझौते पर नहीं पहुंचता, तो उसके साथ व्यापार करने वालों पर भी सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
इससे पहले इस्तांबुल में दो बार रूस और यूक्रेन के बीच वार्ताएं हुई थीं, लेकिन इनमें कोई बड़ा समझौता नहीं हो सका। हां, दोनों पक्षों के बीच कैदियों की अदला-बदली और मारे गए सैनिकों के शवों की वापसी पर सहमति बनी थी। अब एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देश किसी समाधान की दिशा में आगे बढ़ेंगे। लेकिन असली सवाल यही है—क्या दोनों पक्ष अपने-अपने रुख में लचीलापन दिखाएंगे, या यह कोशिश भी पिछली कोशिशों की तरह अधूरी रह जाएगी?