
Bharatpur Indira Rasoi : भरतपुर। सरकार ने संकल्प लिया है कि ‘कोई भूखा नहीं सोए’ यह संकल्प तो कमोबेश चल रहा है, लेकिन रसोई में आने वाले लोग स्वच्छता के बीच पेट भरें। इस पर सरकारी निगेहबानी नजर नहीं आ रही है। इसी अनदेखी का नतीजा मंगलवार को नजर आया। शहर में एमएसजे कॉलेज के सामने स्थित इंदिरा रसोई के सामने बर्तनों में सूअर मुंह मारते नजर आए। इन्हीं थालियों में लोगों को यहां भोजन परोसा जाता है। सूअरों के मुंह मारने का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।
राजस्थान इंदिरा रसोई योजना खोलने के पीछे राज्य सरकार की मंशा है कि गरीब एवं वंचित लोगों को बहुत कम कीमत पर अच्छा एवं पौष्टिक भोजन मिले। शुरुआती चरण में बेहतर परिणाम मिलने के बाद नगर निगम में इनकी संख्या भी बढ़ाई गई है।
मंगलवार को अछनेरा रोड पर एमएसजे कॉलेज के सामने इंदिरा रसोई क्रमांक संख्या 676 बंद थी। रसोई के सामने दो डस्टबिन रखे थे। इनमें थाली रखी थीं। यहां आए सूअरों ने डस्टबिनों को उलट दिया और उनमें रखी थालियों में मुंह मारते रहे। खास बात यह है कि इन थालियों पर सूअर पैर चढकऱ भी निकले। खास बात यह है कि इन्हीं थालियों में लोगों को सुबह-शाम भोजन परोसा जाता है। वीडियो वायरल होने के बाद इस अनदेखी की लोगों ने खूब भत्र्सना की।
प्रति थाली मिल रही 17 रुपए की सब्सिडी
प्रदेशभर में संचालित हो रहीं इंदिरा रसोई के कार्य संचालन के खर्च का वहन राज्य सरकार कर रही है। यहां भोजन करने वाले लोगों को महज आठ रुपए चुकाने होते हैं। इंदिरा रसोई का संचालन करने वाले को राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक थाली पर 17 रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। रसोइओं के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार ने स्थानीय संस्थाओं से सेवाभाव के साथ मिलकर काम करने को कहा है।
मॉनीटरिंग का दावा, फिर भी अनदेखी
नगर निगम का दावा है कि योजना के तहत प्रत्येक रसोई की रियल टाइम ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जा रही है। एसएमएस गेटवे सुविधा के जरिए योजना के बारे में फीडबैक भी लिया जाता है, ताकि योजना का बेहतर किया जा सके, लेकिन शहर में संचालित कई रसोईयों पर इसकी धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। राज्य सरकार ने जिला स्तरीय समिति की ओर से भोजन के निरीक्षण एवं गुणवत्ता की जांच की जा रही है।
अधिकारी यहां पहुंचकर खाना भी खा रहे हैं। इसके बाद भी रसोईयों पर अनदेखी रुकने का नाम नहीं ले रही है। योजना के अनुसार दोपहर का भोजन सुबह 8.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक एवं रात्रिकालीन भोजन शाम 5 से रात्रि 9 बजे तक उपलब्ध कराया जाता है। जरूरत के अनुसार राज्य सरकार के स्तर पर एक्शटेन्शन काउंटर लगाकर भोजन वितरण कर सकती है।
इनका कहना है
सुबह करीब पांच बजे चार-पांच लडक़े आए और उन्होंने खाना मांगा। इस पर रसोई में अंदर काम करने वालों ने यह कहकर मना कर दिया कि यह खाने का समय नहीं है। इसको लेकर इन युवकों ने वहां तोडफ़ोड़ कर दी और वॉशवेशन की टोंटी तोड़ दी। इससे सारा पानी निकल गया। अंदर पानी खत्म होने के बाद रसोई पर काम करने वाले कार्मिकों ने बर्तनों को धोने के लिए बाहर रखा था। वह बाल्टी में पानी लेने गए थे, लेकिन तब तक अचानक वहां सूअर आ गए और उन्हीं युवकों ने वीडियो बना लिया। यह सब जान बूझकर किया गया है। सभी पुरानी थालियों को फिंकवाकर नई थाली मंगा ली गई हैं। युवकों के खिलाफ एफआइआर भी कराई है।
- देवेन्द्र पाल सिंह, संचालक इंदिरा रसोई एमएसजे कॉलेज के सामने भरतपुर
Published on:
01 Nov 2022 06:54 pm
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