
Gangster Kuldeep Jaghina : बदले की आग 10 माह 8 दिन तक जली। बेशकीमती जमीन पर चौधराहट को लेकर जंग छिड़ी तो दोनों ही हिस्ट्रीशीटरों को जान से हाथ धोना पड़ा। कृपाल की हत्या हुई तो कुलदीप की जान सलाखों में तो सुरक्षित रही, लेकिन उसे जेल से बाहर निकालने को साजिश रची गई। एक मेल के जरिए कुलदीप को पेशी पर लाया गया। यह भी सोची समझी रणनीति के तहत हुआ। एक दिन पहले बदलापुर की स्क्रिप्ट पर मुहर लगी। हत्या में शामिल रहे आरोपियों की एक दिन पहले की लोकेशन कोर्ट परिसर में बताई जा रही है।
दत्तक पिता ने किया दाह संस्कार
गुरुवार दोपहर तक पोस्टमार्टम को लेकर गहमागहमी बनी रही। मजिस्ट्रेट की निगरानी में मृतक कुलदीप का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद कुलदीप के शव को उसके घर ले जाया गया। करीब दस मिनट शव को घर पर रखा गया। इसके बाद श्मशान में ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया। कुलदीप को मुखाग्नि कुलदीप के पिता की ओर से गोद लिए गए राजा की ओर से दी गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि कृपाल की हत्या के बाद कुलदीप के परिजनों को पुलिस ने तुरंत उठा लिया था, लेकिन हमारी नामजद रिपोर्ट के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ रखे बैठी है।
रुदावल में चलाई गोलियां, घटनास्थल पर हथियार शांत
पुलिस ने कुलदीप हत्याकांड में बबलू मालीपुरा, सौरभ लुलहारा, विष्णु जाट एवं धर्मराज को पकड़ा है। विष्णु एवं बबलू पुलिस कार्रवाई के दौरान चोटिल हुए थे, जिन्हें धौलपुर शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस ने खेरिया मोड़ से घटना में काम में ली गई कार को भी बरामद कर लिया है। कुलदीप के परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कृपाल के दोस्त लोकेन्द्र उर्फ लॉकी, भतीजे पंकज, बेटा आदित्य, आदित्य का दोस्त सौरभ लुलहारा शामिल रहे हैं।
पंकज एवं लोकेन्द्र सीसीटीवी फुटेज में नजर आए हैं, जबकि आदित्य की लोकेशन हत्याकांड के दौरान कोर्ट परिसर में बताई जा रही है। कुलदीप के परिजन एवं कुटुम्बजन का आरोप है कि पुलिस के पास हथियार थे, लेकिन बदमाशों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया, जबकि विशेष परिस्थिति में जान बचाने की खातिर पुलिस को गोली चलाने का अधिकार है, लेकिन इस मामले में पुलिस चुप्पी साधे रही। पुलिस ने आत्मरक्षा में रुदावल में तो गोली चलाई, लेकिन टोल प्लाजा पर पुलिस ने हथियार नहीं उठाए।
आरोप गांव में मना जश्न, पुलिस खामोश
आरबीएम अस्पताल में मृतक कुलदीप के परिजनों ने आरोप लगाया कि बुधवार रात 10.30 बजे कुलदीप की हत्या करने के आरोपियों ने गांव जघीना में जश्न मनाया। साथ ही सोशल मीडिया पर लिखा कि हमने बदला ले लिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भाड़े के गुंडों को तो पकड़ लिया है, लेकिन असल आरोपी सीसीटीवी में नजर आने के बाद भी पुलिस की निगाह से दूर हैं। उल्लेखनीय है कि जयपुर-भरतपुर हाईवे पर आमोली टोल प्लाजा पर बुधवार दोपहर करीब 12.15 बजे रोडवेज बस को घेरकर बदमाशों ने गोलियां बरसा दी थीं। बदमाशों ने कुलदीप जघीना और उसके साथी विजयपाल पर फायरिंग की। इसमें कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई।
Published on:
14 Jul 2023 01:24 pm
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