
Colonel Hukam Singh
भरतपुर. सेना से रिटायर्ड 104 वर्षीय कर्नल हुकम सिंह के पार्थिव देह का सैनिक सम्मान के साथ यहां बीनारायण गेट स्थित मोक्षधाम पर अंतिम संस्कार हुआ। मुखाग्नि उनके पौत्र डॉ.यशवंत सिंह व भविष्य फौजदार ने दी। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे और मथुरा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। निधन की सूचना पर उनके निवास मडरपुर रोड स्थित कृष्णा नगर में सैनिकों के साथ-साथ सैंकड़ों की संख्या में लोगों ने पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सैनिक सम्मान के साथ पुष्पचक्र अर्पित कर अंतिम सलामी हवाई फायर देकर सम्मान दिया गया।
इस मौके पर सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव कर्नल केवीएस ठेंनुआ, रिटा. कर्नल ओमवीर सिंह, सूबेदार बृजेन्द्र सिंह, कुश्ती संघ राजस्थान के चेयरमैन चुन्नी कप्तान, खेल अधिकारी सत्यप्रकाश लुहाच, भाजपा नेता गिरधारी तिवारी, उप महापौर सरदार इन्द्रपाल सिंह पाले, निगम के नेता प्रतिपक्ष इन्द्रजीत भारद्वाज, जाट सभा के अध्यक्ष बाबू सिंह रेंजर, हरीराम सरपंच, होप सिंह जघीना, महेन्द्र सिंह सिकरवार, सुरेन्द्र सिंह, डॉ. यशवंत सिंह, बलवीर सिंह सिनसिनी, डॉ. धीरेन्द्र गोदारा, इं. एसएन अग्रवाल, राम प्रताप सिंह, भरत सिंह आदि थे।
बांग्लादेश निर्माण के बाद हुए थे रिटायर्ड
रिटायर्ड कर्नल हुकम सिंह मूलतय नदबई तहसील के गांव बीलौठ के निवासी थे। वह आजादी से पहले ही सेना में कार्यरत थे। वर्ष 1971 में पूर्वी पाकिस्तान को लेकर हुए युद्ध के दौरान वह ढाका में तैनात थे। बांग्लादेश निर्माण के बाद वर्ष 1972 में वह सेवानिवृत्त हो गए। कर्नल सिंह की भरतपुर में आयुद्ध डिपो की स्थापना करवाने में भी महत्वपूर्व भूमिका रही। आयुद्ध डिपो वाली रोड का उनके सम्मान में नामकरण किया गया। उनका कुश्ती से बेहद लगाव था और करीब 32 साल तक वह भरतपुर कुश्ती संघ के अध्यक्ष भी रहे। जिले में लोहागढ़ केसरी प्रतियोगिता को शुरू करवाने का सिरे उन्हें ही जाता है। भरतपुर के पहलवानों की 'जय होÓ का नारा उन्होंने ही दिया था।

Published on:
29 Jul 2019 02:30 am
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