
symbolic picture
भरतपुर। साइबर ठग (cyber fraud) इन दिनों ‘आप पहचान गए’ की तर्ज पर लोगों को फोन कर रिश्तेदार या दोस्त होने का झांसा देकर ठगी का नया ट्रेंड चला रहे हैं। जिले में आधा दर्जन से अधिक लोग झांसे में आकर रकम गंवा बैठे हैं तो कुछ समझदारी दिखाते हुए साइबर ठग के मकडज़ाल में फंसने से बच गए। पुलिस की माने तो किसी भी नम्बर से फोन आने पर लेनदेन से पहले यह पुष्टि जरूर कर लें कि जो आपको रुपए भेजने या मांगने वाला अपना है या साइबर तो नहीं है।
अंजान नम्बर (unknown phone call) से एक फोन आता है और सामने वाला कहता है पहचानिए कौन बोल रहा हूं, आप पहले तो समझ नहीं पाते और फिर कहते हैं जयपुर वाले शर्मा जी, कॉल करने वाला कहता है अरे आप ने तो पहचान लिया। फोनकर्ता फिर कहता है, मेरे अकाउंट में तकनीकी समस्या की वजह से रुपए का ट्रांजेक्शन नहीं हो रहा है, यूपीआई के माध्यम से पांच हजार या अधिक रकम डालने की बात कहता है। फोनकर्ता कहता है कि मैं एक रुपए भेज रहा हूं आए तो पुष्टि करिएगा। रुपए गए या नहीं कहते हुए जानकारी लेता हैं, उसके बाद वह पांच हजार या अधिक रुपए भेजने का मैसेज भेजता है।
इसका मैसेज के माध्यम से यूपीआई मैसेज पहुंचता है। इसके माध्यम से 20 हजार या अधिक रुपए आने का मैसेज प्राप्त होता है। टेस्ट मैसेज देख कर लगता है कि अकाउंट में रुपए आ गए हैं। कुछ देर बाद साइबर ठग (cyber fraud) बने रिश्तेदार का फोन आता है और आवश्यकता का हवाला देते हुए कहता है कि पांच हजार रुपए भेज दीजिए कहता हैं। फिर से रुपए मांगने के लिए कॉल आता है। साइबर ठग यूपीआई को हैक करने की ट्रिक आजमाते हैं, जो जाल में फंस जाता है उससे लाखों की ठगी हो जाती है और जो साइबर ठग की ट्रिक को समझ लेते हैं वे बच जाते हैं।
नगर निवासी संजीव शर्मा ने शिकायत में बताया कि उनके पास अनजान नम्बर से फोन आया। फोनकर्ता ने पहचान कौन की तर्ज पर बात की उसके बाद संजीव का मामला बोल रहा हूं कहते हुए एक परिचित को हॉस्पिटल जाने का झांसा देकर 20 हजार पेटीएम के माध्यम से ले लिया। रुपए वापस न आने पर मामा को फोन करने पर पता चला वह साइबर ठगी का शिकार हो गया।
सहयोग नगर निवासी दीपक कुमार ने शिकायत में बताया कि उसके पास अज्ञात नम्बर से फोन आया। पहचान कौन की तर्ज पर पहले बात की फिर जीजा का भाई बताते हुए कहा, मेरा पेटीएम काम नहीं कर रहा है एक व्यक्ति को 10 हजार रुपए देने हैं, कहते हुए नम्बर भेजा। नम्बर पर पेटीएम करने के बाद दो किस्त में आठ-आठ हजार कट गए। जीजा को फोन किया तो पता चला जिसने फोन किया वो ठग है।
यह भी पढ़ें :
डीग जिले के कुम्हेर थाना इलाके में लुटेरी दुल्हन का एक और मामला सामने आया है। एक लाख रुपए में शादी करने के बाद लुटेरी दुल्हन दूसरे ही दिन करीब छह लाख रुपए आभूषण लेकर फरार हो गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें..
Published on:
26 Feb 2024 02:59 pm
बड़ी खबरें
View Allभरतपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
