
भरतपुर का बी-नारायण गेट स्थित श्मशान का दृश्य। फोटो पत्रिका
Bharatpur News : भरतपुर शहर के विकास के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन अंतिम संस्कार स्थलों की दुर्दशा किसी को नजर नहीं आ रही। श्मशानों की बदहाल स्थिति को लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं खुल रही। हालात इतने भयावह हैं कि अब मृतकों को भी सम्मानजनक विदाई नसीब नहीं हो पा रही है।
हाल ही में श्मशानों की स्थिति को लेकर नगर निगम आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश भी दिए गए, लेकिन यह सब कागजों तक ही सीमित रह गया। जमीनी हकीकत वहीं की वहीं है और इसकी कीमत आमजन को चुकानी पड़ रही है।
सोमवार को मोरी चार बाग निवासी 70 वर्षीय अशोक का गम्भीर का बीमारी के चलते निधन हो गया। शाम करीब 7 बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए बी-नारायण गेट स्थित श्मशान पहुंचे। वहां पहुंचते ही परिजनों को गहरा झटका लगा। पूरे श्मशान परिसर में घना अंधेरा पसरा हुआ था। न रोशनी की कोई व्यवस्था थी और न ही कोई कर्मचारी मौजूद था।
अंधेरे के बीच परिजन और रिश्तेदारों ने मोबाइल फोन की रोशनी में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कीं, लेकिन यह रोशनी नाकाफी साबित हुई। मजबूरी में वाहनों की हेडलाइट जलाकर रोशनी की गई। कारों की रोशनी में किसी तरह अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। यह दृश्य न केवल दर्दनाक था, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं पर करारा तमाचा भी।
श्मशान में न तो कोई चौकीदार मौजूद था और न ही कोई कर्मचारी, जो व्यवस्था संभाल सके। परिजनों को हर काम खुद ही करना पड़ा। इस दौरान अंतिम संस्कार में शामिल कामां निवासी राकेश और मदन लाल ने गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि ऐसी दुर्दशा तो गांवों में भी देखने को नहीं मिलती। यदि किसी को श्मशान देखना है तो कामां का श्मशान देख ले, वहां व्यवस्थाएं कहीं बेहतर हैं।
शहर के बीचोंबीच स्थित यह श्मशान पूरी तरह उपेक्षा का शिकार है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर श्मशान के रखवाले कहां हैं। निरीक्षण के बाद भी हालात क्यों नहीं बदले। क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है, जब अंतिम विदाई भी कार की रोशनी में देनी पड़े तो यह व्यवस्था नहीं, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
पहले हमने लाइट को सही कराई थी, अब बंद है तो इसके लिए मैं अभी मौके पर एक्सईएन राहुल को भेजता हूं। चौकीदार के लिए ऑर्डर कर दिए हैं।
श्रवण कुमार विश्नोई आयुक्त नगर निगम भरतपुर
Updated on:
06 Jan 2026 03:06 pm
Published on:
06 Jan 2026 03:02 pm
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