
भरतपुर। जिले में बिजली विभाग की लापरवाही के लगातार मामल सामने आ रहे हैं। लेकिन बिजली विभाग बेपरवाह होकर बैठा है। एक ऐसा ही मामला कोतवाली के नजदीक देखने को मिला, जहां पर करंट दौड़ते बिजली के तार मासूमों की सांसो को छूककर निकल गए। यह माजरा देख एक बारगी तो लोगों के होश उड़ गए।
बाल-बाल बचे मासूम
करंट जिले में कोतवाली के पास पुराना डाकखाने के पीछे विभाग की लापरवाही के चलते बिजली का तार टूट गया। तार टूटने के दौरान गुजर रहे दो स्कूली बच्चे बाल-बाल बच गए। एक बार तो स्थानीय लोग व परिजन सन्न रह गए। लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारी आते हैं और तारों के जॉइंट कर चले जाते हैं। इससे करंट दौड़ते तारों का पुख्ता इलाज नहीं हो सका।
बंदरों की छलांग से टूटे तार
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ले में बंदरों का आतंक है। बंदर एक छत से दूसरी छत छलांग लगाते हैं। इससे कई बार बिजली के तारों तक से अटक जाते हैं। इस कारण तार टूटने की लगातार मामले हो रहे हैं। स्कूल के लिए जा रहे दो मासूम बंदरों के आतंक के साथ करंट के शिकार होने से बच गए। सवाल है कि करंट से कोई हताहत हो जाता तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता।
कर्मचारियों को सुनाई खरी-खरी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बंदरों के उछल-कूद करने से तार टूटा है। इसी बीच सिद्धार्थ पुत्र चंद्रमोहन और लक्ष्मण पुत्र अनिल स्कूल जा रहे थे। जैसे ही बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिरा तो लोगों मे अफऱा तफरी का माहौल हो गया। घटना की जानकारी बिजली विभाग के अधिकारियों को दी गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे विभागीय कर्मचारी ने नए तार लगाने का आश्वासन दिया। वहीं लोगों ने कर्मचारियों को खरी खोटी सुनाई। साथ ही कहा कि बिजली विभाग तारों के पुख्ता इंतजाम जल्द नहीं कर सकेगा तो बड़ी घटना हो सकती है।
Published on:
10 Jul 2018 07:48 pm
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