9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

थ्रोम्बोसायटोपेनिया की जद में बच्चे, गिरती प्लेटलेट्स बढ़ा रही चिंता

- 300 तक पहुंची आउटडोर की संख्या

2 min read
Google source verification
थ्रोम्बोसायटोपेनिया की जद में बच्चे, गिरती प्लेटलेट्स बढ़ा रही चिंता

थ्रोम्बोसायटोपेनिया की जद में बच्चे, गिरती प्लेटलेट्स बढ़ा रही चिंता

भरतपुर . पिछले करीब पंद्रह दिन से तापमान में चल रहे उतार-चढ़ाव ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है। खास तौर से इस मौसम से बुजुर्ग और बच्चों पर ज्यादा असर है। इन दिनों रात-दिन के तापमान में खासा अंतर दर्ज किया जा रहा है। तापमान का यह उतार-चढ़ाव लोगों को बीमार बना रहा है। हालांकि बच्चों में सामान्य वायरल है, लेकिन थ्रोम्बोसायटोपेनिया की वजह से गिरती प्लेटलेट्स चिंता बढ़ा रही हैं। मौसम की मार के चलते इन दिनों शिशु अस्पताल में ओपीडी 300 तक पहुंच गई है।
पांच साल से छोटी उम्र के बच्चों और 6 0 साल से ऊपर की उम्र के लोगों में वायरल बढ़ रहा है। वहीं दो से सात साल तक की उम्र के बच्चों में वायरल डिजीज की दिक्कत आ रही है। इन दिनों डेंगू के साथ मलेरिया भी सामने आ रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि तापमान ज्यादा होने पर छोटे बच्चे गर्म कपड़े नहीं पहनते। इस वजह से उनके शरीर का तापमान बिगड़ता है। शुरू में उन्हें खांसी-जुकाम के साथ बुखार की परेशानी हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि युवाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। ऐसे में वह बदलाव को सह लेते हैं, लेकिन बच्चे और बुजुर्गों पर इसका असर खूब हो रहा है। जनाना अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकुर अग्रवाल बताते हैं कि बच्चों में इन दिनों सामान्य वायरल है, लेकिन थ्रोम्बोसायटोपेनिया की वजह से प्लेटलेट कम हो जाती हैं। हालांकि अस्पताल में उपचार के बाद बच्चे पूरी तरह ठीक हो रहे हैं।

पहले से बीमार व्यक्ति रखें खास ख्याल

इन दिनों तापमान में उतार-चढ़ाव से लोगों की सेहत नासाज हो रही है। खास तौर से बच्चों की ऐसे मौसम में खास देखभाल करनी चाहिए। इन दिनों सुबह के समय बच्चों को हल्के गर्म कपड़े पहनाएं, जहां तक संभव हो उन्हें बाहर नहीं निकलने दें। घर का बना हुआ खाना खिलाएं। ज्यादातर लिक्विड दें और जहां तक संभव हो उन्हें हल्का गर्म पानी पिलाएं। खांसी-जुकाम या बुखार होने पर उन्हें चिकित्सक को दिखाकर घर पर आराम करने दें। इस मौसम में पहले से बीमारियों से ग्रसित लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के रोगी समय-समय पर चेकअप कराएं और हल्का भोजन करें। कोशिश करें लिक्विड ज्यादा मात्रा में लें और शरीर की आवश्यकता के मुताबिक गर्म कपड़े पहनकर रखें।

नियमित व्यायाम करना जरूरी

चिकित्सकों का कहना है कि शरीर को फिट रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। इससे व्यक्ति के शरीर में रोगों से लडऩे की क्षमता बढ़ती है। यह बॉडी को इन्फेक्शन से दूर रखने में मददगार होता है। सर्दियों में ही सर्दी, जुकाम, बुखार और एलर्जी की समस्या आम है। इस मौसम में खुद को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम से नाता जोडऩा जरूरी है। चिकित्सक कहते हैं कि सर्दी के मौसम में अक्सर डाइट बढ़ जाती है। ज्यादा खाने से वजन बढऩे का खतरा भी अधिक होता है। इसलिए इस मौसम में वर्क आउट जरूर करें। इससे वजन नियंत्रण में रहेगा। इसके लिए मॉर्निंग वॉक या रनिंग को भी अपने रुटीन में शामिल किया जा सकता है।

इनका कहना है

सर्दियों का मौसम शुरू होते ही बच्चे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। खास तौर से जुकाम, खांसी एवं एलर्जी के रोगी आ रहे हैं। डेंगू के मरीज भी आए हैं, लेकिन उनकी संख्या बहुत ज्यादा नहीं है। वायरल फीवर में भी प्लेटलेट कम हो रही हैं, लेकिन उपचार के बाद सब कुछ ठीक हो रहा है।

- डॉ. हिमांशु गोयल, प्रभारी शिशु रोग विभाग जनाना अस्पताल भरतपुर