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Gangster Kuldeep Jaghina: जिसे कहता था चाचा, उसकी ही हत्या कर बना कातिल

एक ही गांव जघीना के दो हिस्ट्रीशीटर व गैंगस्टर की कहानी भी बहुत दिलचस्प है, क्योंकि दोनों ही अपराध की दुनिया जुड़े हुए थे। छिटपुट अपराधों से शहर में खौफ पैदा करने वाला गैंगस्टर कुलदीप बड़े प्रॉपर्टी डीलरों के साथ भी ताल्लुक रखता था।

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Gangster Kuldeep Jaghina: जिसे कहता था चाचा, उसकी ही हत्या कर बना कातिल

Gangster Kuldeep Jaghina: जिसे कहता था चाचा, उसकी ही हत्या कर बना कातिल

भरतपुर. एक ही गांव जघीना के दो हिस्ट्रीशीटर व गैंगस्टर की कहानी भी बहुत दिलचस्प है, क्योंकि दोनों ही अपराध की दुनिया जुड़े हुए थे। छिटपुट अपराधों से शहर में खौफ पैदा करने वाला गैंगस्टर कुलदीप बड़े प्रॉपर्टी डीलरों के साथ भी ताल्लुक रखता था। महज कुछ सालों के अंदर उसने शहर में पॉश इलाकों में भूखंडों पर कब्जा कर करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी बना ली। शराब ठेका से लेकर महंगी जमीनों में निवेश के साथ ही वह विवादित जमीनों की सौदेबाजी में भी कदम रख चुका था। भाजपा नेता कृपाल सिंह जघीना भी शहर के कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर रह चुका था।


गैंगस्टर कुलदीप जघीना के परिवार व भाजपा नेता कृपाल सिंह जघीना के परिवार के बीच अच्छे संबंध थे। कुलदीप के कुछ विवादों में कृपाल ने ही राजीनामा कराया था, लेकिन काली की बगीची के पास स्थित एक विवादित भूखंड में शेरा पहलवान के साथ कृपाल सिंह की साझेदारी कुलदीप को रास नहीं आई। कुलदीप ने 23 अगस्त 2022 को फोन कर कृपाल जघीना को इस भूखंड से दूर रहने को कहा था। इसके बाद 28 अगस्त को दोनों के बीच रेलवे स्टेशन पर झगड़ा हुआ था। यहां से इस गैंगवार की शुरुआत हुई। क्योंकि कुलदीप विवादित भूखंड का सौदा अन्य भूमाफियाओं के साथ कर चुका था। उस समय भी मामला प्रशासन व पुलिस के सामने आया था, लेकिन विवादित भूखंड की जानकारी के बाद भी बेपरवाह अफसरों ने चुप्पी साधे रखी। इससे भूखंड की यह लड़ाई एक ही गांव के दो परिवारों के बीच हत्याकांड में बदल गई।

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कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कराया था कुलदीप का सरेंडर

13 फरवरी 2018 को कुलदीप जघीना ने नगर निगम में मनोनीत पार्षद गोविंद सिंह पर हमला कर दिया था। इसमें रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए मथुरा गेट थाने पर मामला दर्ज कराया गया था। जबकि इस वारदात का वीडियो भी खुद कुलदीप ने फेसबुक पर वायरल कर दिया था। 15 फरवरी को एसपी ने हिस्ट्रशीटर पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इसके बाद एनकाउंटर के डर से कुलदीप ने डीग-कुम्हेर विधायक व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह के माध्यम से पुलिस के सामने 26 फरवरी 2018 को आत्मसमर्पण किया था। कुलदीप के खिलाफ जयपुर के ज्योति नगर थाना, सेवर व कोतवाली थाने में एक-एक, मथुरा गेट थाने में आठ, उद्योगनगर थाने में चार मुकदमे दर्ज हैं।

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भाजपा-कांग्रेस के नेताओं से जुड़ा था कृपाल जघीना

चार सितंबर 2022 को जिस भाजपा नेता कृपाल सिंह जघीना की हत्या की गई। वो भी कांग्रेस व भाजपा नेताओं से जुड़ा हुआ था। भाजपा सांसद रंजीता कोली की सिफारिश पर उसे रेलवे सलाहकार समिति का सदस्य बनाया गया था। बेटी के आरडी गल्र्स कॉलेज छात्रासंघ अध्यक्ष बनने के बाद राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग से भी जुड़ा रहा। इसके अलावा लंंबे समय तक कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह के संपर्क में भी रहा था। कृपाल के खिलाफ भी विभिन्न थानों में 15 मामले दर्ज थे।