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Gangster Kuldeep Jaghina: …पांच साल पहले एनकाउंटर के डर से गैंगस्टर कुलदीप जघीना ने किया था सरेंडर

-फिल्मी स्टाइल में 50 पुलिसकर्मियों के सामने फरार हुआ था कुलदीप यह भी पढ़ें: https://www.patrika.com/bharatpur-news/gangster-kuldeep-jaghina-8370874/  

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Gangster Kuldeep Jaghina:  ...पांच साल पहले  एनकाउंटर के डर से गैंगस्टर कुलदीप जघीना ने किया था सरेंडर

Gangster Kuldeep Jaghina: ...पांच साल पहले एनकाउंटर के डर से गैंगस्टर कुलदीप जघीना ने किया था सरेंडर

यह भी पढ़ें: https://rb.gy/ip1pf

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भरतपुर. जिस गैंगस्टर कुलदीप जघीना की पुलिस के सामने हत्या का मामला सुर्खियां बटोर रहा है, वह कुलदीप जघीना पांच साल पहले पुलिस के लिए भी बड़ा सिरदर्द बन गया था। जब उसे एनकाउंटर का डर सताया तो उसने पुलिस के सामने सरेंडर किया था। कुलदीप जमीनों के खेल में कुछ समय में ही इस कदर बड़ा खिलाड़ी बन गया कि छिटपुट भूमाफिया भी उससे डरते थे। क्योंकि कुलदीप ने जिस जमीन को अपना बनाने का सपना देखा, उसे कुछ समय में ही पूरा भी करता था। शहर के कुछ प्रॉपर्टी डीलर भी उसके पार्टनर बन गए थे, लेकिन भाजपा नेता कृपाल सिंह जघीना हत्याकांड के बाद उन्होंने भी किनारा कर लिया था। अब तो जिस जमीन को लेकर विवाद था, उस जमीन पर भूखंड खरीदने वाले प्रॉपर्टी डीलर भी सामने नहीं आए हैं। इस जमीन का अलग-अलग लोगों को करीब आठ करोड़ रुपए में सौदा हुआ था।

13 फरवरी 2018 को कुलदीप जघीना ने नगर निगम में मनोनीत पार्षद गोविंद सिंह पर हमला कर दिया था। इसमें रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए मथुरा गेट थाने पर मामला दर्ज कराया गया था। जबकि इस वारदात का वीडियो भी खुद कुलदीप ने फेसबुक पर वायरल कर दिया था। 15 फरवरी को एसपी ने हिस्ट्रशीटर पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इसके बाद एनकाउंटर के डर से कुलदीप ने डीग-कुम्हेर विधायक व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह के माध्यम से पुलिस के सामने 26 फरवरी 2018 को आत्मसमर्पण किया था। कुलदीप के खिलाफ जयपुर के ज्योति नगर थाना, सेवर व कोतवाली थाने में एक-एक, मथुरा गेट थाने में आठ, उद्योगनगर थाने में चार मुकदमे दर्ज हैं। उस समय करीब 50 पुलिसकर्मियों की टीम तत्कालीन सीओ प्रशिक्षु आईपीएस धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में गांव जघीना गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी, लेकिन कुलदीप जघीना संकरी गलियों का फायदा उठाकर वहां बाइक से फिल्मी अंदाज में भागने में सफल हो गया था।

कृपाल भी था जमीनों का सौदागर

चार सितंबर 2022 को जिस भाजपा नेता कृपाल सिंह जघीना की हत्या की गई। वो भी कांग्रेस व भाजपा नेताओं से जुड़ा हुआ था। भाजपा सांसद रंजीता कोली की सिफारिश पर उसे रेलवे सलाहकार समिति का सदस्य बनाया गया था। बेटी के आरडी गल्र्स कॉलेज छात्रासंघ अध्यक्ष बनने के बाद राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग से भी जुड़ा रहा। इसके अलावा लंंबे समय तक कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह के संपर्क में भी रहा था। कृपाल के खिलाफ भी विभिन्न थानों में 15 मामले दर्ज थे।