
...यहां रास्ते के नाम पर रसूखदार माफिया वसूल रहा वाहनों से गुंडा टैक्स
भरतपुर/पहाड़ी. मेवात के नांगल क्रसर जोन में रसूखदार खननमाफिया का खेल इतना बढ़ चुका है कि यहां रास्ते के नाम पर गुंडा टैक्स वसूला जा रहा है। ऐसा नहीं है कि इस भ्रष्टाचार के खेल की जानकारी स्थानीय से लेकर जिला स्तर के तमाम अधिकारियों को नहीं है, बल्कि बार-बार शिकायत के बाद रसूखदार का दबाव भारी पड़ता दिख रहा है। इतना ही नहीं खुद अधिकारी भी दबी जुबां से इस मामले को स्वीकार कर रहे हैं, परंतु रसूखदारों का हवाला देकर इतिश्री करने से भी पीछे नहीं हटते हैं। नांगल क्रसर जोन में दबंग यहां से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन से 250 रुपए वसूल रहे हैं। हद देखिए यह राशि नहीं देने वालों के वाहनों को निकलने नहीं दिया जाता। साथ ही उन पर जुर्माना लगाने का प्रावधान तक बना रखा है। हालांकि इसके लिए जोन के रास्तों के रख-रखाव व पानी का छिड़काव कराने का दावा किया जाता है। खुद क्रसर संचालक बताते हैं कि रास्तों के लिए अलग से राशि ली जाती है। इस इलाके के लिए इस तरह की वसूली का यह कोई नया मामला नहीं है। पूर्व में भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं। अब इस अवैध वसूली के खिलाफ फिर से विरोध के स्वर उठने लगे हैं। असल में क्रसर जोन के रास्ते के रख-रखाव और उस पर पानी छिड़काव के नाम पर पहाड़ी क्रसर एसोसिएशन के नाम से एक यूनियन गठित की गई है। क्रसर संचालक इसके गठन पर भी सवाल उठाते रहे हैं। बताते हैं कि क्रशर एसोसिशन ने फरमान जारी किया है कि जो भी खनिज सामग्री का वाहन यहां से गुजरेगा उसे 250 रुपए की पर्ची कटवानी होगी। एक ट्रक चालक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि 250 रुपए नहीं देने गाड़ी को निकलने नहीं दिया जाता। क्रशर संचालको का आरोप है कि इसके लिए एक कूपन बुक भी जारी की गई है। इसकी कीमत पहले दस हजार रुपए थी, जिसे अब साढ़े बारह हजार रुपए कर दिया गया है। इसमें 50 कूपन होते हंै। रास्ता ठीक कराने के नाम पर क्रशर संचालकों से एक लाख रुपए देने की मांग की जा रही है। जो छिड़काव व रास्ते के लिए रुपए नहीं देगा उसकी गाड़ी नहीं निकलने दी जाएगी। साथ ही उसकी गाड़ी रोक दी जाएगी और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। जबकि रास्ते में छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि मामले को लेकर राजस्थान पत्रिका ने 16 जून के अंक में मामला प्रकाशित किया था। मामला उजागार होने के बाद जिम्मेदार विभाग ने खानापूर्ति कर इतिश्री कर ली। जबकि रोड के नाम पर वसूली अनवरत जारी रही। इससे साफ है कि कहीं न कहीं इस वसूली को करने वालों को सिस्टम का संरक्षण प्राप्त है, तभी ये खुलेआम इस तरह के अवैध फरमान जारी कर वसूली कर रहे हैं। यहीं एक बड़ी वजह है कि इस तरह की अवैध वसूली का हर कोई विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है।
एसीबी की नजर में भी आ चुका था मामला
करीब ढाई साल पहले ट्रांसपोर्ट यूनियन का कूपन सिस्टम व रास्ते के नाम पर अवैध वसूली का खेल एसीबी के पास भी पहुंचा था, लेकिन यह मामला भी संबंधित विभागों की मिलीभगत के कारण दबा दिया गया। हकीकत यह है कि मेवात में खुद खननमाफिया की ओर से भी सभी विभागों के नियम तय कर दिए जाते हैं। बात चाहे खनिज विभाग की हो या पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों की, यहां हर बार कार्रवाई के दौरान विभागों की हकीकत सामने आ ही जाती है। क्योंकि प्रत्येक कार्रवाई में रसूखदार व खननमाफियाओं को बचाने का खेल खेला जाता है।
सवाल मांगते जवाब
1. किसके इशारे पर यह अवैध हो रही है?
2. इतनी शिकायतों के बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
3. अवैध वसूली के खेल का मुख्य सरगना कौन है?
4. माफिया को विभाग व राजनेताओं का सहयोग है?
खुद क्रशर संचालक काट रहे रसूखदारों के लिए रोड के नाम पर रसीद
एक और मामला यह है कि ट्रक यूनियन की आड़ में साढ़े आठ हजार रुपए का एक कूपन जारी किया गया है। जो वाहनों पर चस्पा किया जाता है। हालांकि इस कूपन की रेट भी हर माह बदलती है। ये वाहन घाटमीका पुलिस चौकी, पहाड़ी थाना इलाके, अमरुका पुलिस चौकी, कामां में देवी गेट पुलिस चौकी, पुलिस उपाधीक्षक निवास, कृषि उपज मंडी पुलिस चौकी, धिलावटी पुलिस चौकी के सामने से होकर यह वाहन निकलते हैं। इसके बाद उत्तरप्रदेश के नंदगांव, कोसी, छाता, शेरगढ़, नौंहझील, वृंदावन पुलिस थाने के सामने से होकर ट्रक गुजरते हैं, लेकिन वहां भी किसी की ओर से उन्हें नहीं रोका जाता है। क्योंकि उस पर कूपन चिपका होता है। पूर्व में भी सात हजार रुपए के टोकन के खेल को लेकर ट्रक चालक व ट्रांसपोर्ट यूनियन के पदाधिकारियों मे कामां पेट्रोल पंप के पास झगड़ा भी हो गया था। यह मामला भी ऐसे ही टोकन सिस्टम से जुड़ा हुआ था। वाहनों में जितने माल परिवहन की अनुमति है उससे दस से बीस टन अधिक खनिज सामग्री का परिवहन किया जा रहा है। क्रशरों पर कुछ ट्रक चालकों को ट्रक में नियम के अनुसार खनन सामग्री लोड कर बिल दिया जाता है। उसके बाद उसी ट्रक में ओवरलोड सामग्री भर दी जाती है। कुछ ट्रक चालकों के पास न तो बिल होता और न ही रवन्ना।
-पहाड़ी क्रशर एसोशियन की ओर से रास्ते में पानी छिड़काव के 50 कूपन की रसीद बुक 12 हजार पांच सौ रुपए में दी जा रही है। यदि कोई रसीद नहीं कटवाता या रास्ता निर्माण के रुपए नहीं देता तो उस पर दस हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही उसका वाहन नहीं निकलने दिया जाता।
जयप्रकाश गुप्ता
स्टोन क्रसर संचालक
-नांगल क्रशर जोन में 250 रुपए प्रति ट्रक से नाजायज वसूली की जा रही है। क्रसर मालिक से रास्ता निर्माण के नाम पर अलग से रुपए लिए जा रहे हैं। पानी छिड़काव तो केवल बहाना मात्र है।
-राव साहव
स्टोन क्रसर संचालक
-पहले हमने रास्ता बनवाया व छिड़काव कराया था। हम से सब छिन गया है। सरपंच लोडिंग पर्ची दे रहा है। अब क्रशर प्लांट के नाम से लोडिंग पर्ची आ रही है। हम भी एसबीएम क्रशर प्लांट से पर्ची ला रहे है। रास्ते में छिड़काव नहीं होने को लेकर एसडीएम का फोन आया था। हमने मना कर दिया। अब हमारे नाम से कोई रसीद नहीं चल रही है। यदि कोई चला रहा है तो वह गलत चला रहा है। इससे कोई संतुष्ट नहीं है।
जेपी तंवर
अध्यक्ष, पहाड़ी क्रशर एसोसिएशन नांगल जोन
-मेरे पास छिड़काव व रास्ते के नाम से 250 रुपए वसूली की कोई शिकायत नहीं आई है। यदि इस संबंध में शिकायत आती है तो हम जरूर कार्रवाई करेंगे।
मनीष कुमार
एसडीएम पहाड़ी
-नांगल में रास्ते के नाम पर अवैध वसूली का कोई मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। अगर कोई मामला आता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
शिवलहरी मीणा
एसएचओ पहाड़ी
Published on:
20 Jul 2020 06:02 pm
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