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जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा ने लिया ऐसा फैसला, सामने आई बड़ी अपडेट

locationभरतपुरPublished: Jan 22, 2024 01:12:15 pm

Submitted by:

Rakesh Mishra

jat aarakshan केन्द्र में आरक्षण की मांग को लेकर जाट समाज का आंदोलन जारी है। रविवार को भी कई युवतियां हाथों में लाठी-डंडे लेकर महापड़ाव स्थल जयचोली पहुंचीं। इधर, सीएम भजनलाल शर्मा ने वार्ता के लिए कमेटी का गठन किया है।

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jat aarakshan केन्द्र में आरक्षण की मांग को लेकर जाट समाज का आंदोलन जारी है। रविवार को भी कई युवतियां हाथों में लाठी-डंडे लेकर महापड़ाव स्थल जयचोली पहुंचीं। इधर, सीएम भजनलाल शर्मा ने वार्ता के लिए कमेटी का गठन किया है। इसमें नदबई विधायक जगत सिंह, डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह, सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत एवं पीएचडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी को शामिल किया गया है।
आरक्षण संघर्ष समिति ने भी वार्ता के लिए 11 सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति संयोजक नेमसिंह फौजदार ने कहा कि यदि सोमवार शाम पांच बजे तक वार्ता नहीं हुई तो संघर्ष समिति जो रणनीति तय करेगी, उसके तहत आंदोलन होगा। भाजपा नेता दौलतसिंह फौजदार ने कहा कि महापड़ाव में जो फर्श बिछाया है, उसे आरक्षण लेने के बाद ही उठाएंगे। महापड़ाव स्थल पर एएसपी रघुवीर कविया के साथ सरकार की ओर से रविवार सुबह डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह वार्ता के लिए संदेश लेकर पहुंचे।
गौरतलब है कि केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण की मांग को लेकर भरतपुर-धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि राज्य व केंद्र सरकार आंदोलनकारियों की समझदारी को कमजोरी समझने की भूल कर रही है। इसका जवाब 22 जनवरी के बाद मिल जाएगा। आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने कहा कि जाट समाज के लिए केंद्र आरक्षण की मांग को लेकर 17 जनवरी से गांधीवादी तरीके से आंदोलन की शुरुआत की है। 22 जनवरी को भगवान श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम है। जाट समाज हमेशा अनुशासित रहा है। जाट समाज ने सोच समझ कर यह निर्णय लिया है कि 22 जनवरी तक हम किसी तरह का रोड जाम और रेल की पटरी जाम नहीं करेंगे। भगवान श्रीराम के मंदिर के कार्यक्रम में जाट समाज बाधा बनना नहीं चाहता।
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गांधीवादी विचारधारा से आंदोलन को कभी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। हमारी आंतरिक रणनीति मजबूत है, इसकी जानकारी 22 जनवरी के बाद हो जाएगी। सरकारी हमारी समझदारी को कमजोरी समझने की भूल कर रही है।

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