
फाइल फोटो पत्रिका
Bharatpur News : भरतपुर में पक्षियों के स्वर्ग के रूप में विख्यात केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान (घना) में आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं का खास ख्याल रखा जा रहा है। आगामी सर्दियों के सीजन में पर्यटकों को बारिश के मौसम में छिपने की जगह के साथ विश्राम और बैठने के खास इंतजाम किए जा रहे हैं। साथ ही कैंटीन को और बेहतर बनाया जाएगा, जिससे यहां आने वाले पर्यटक और सुकून पा सकें।
उद्यान में आगामी सर्दियों के पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम योजनाएं तैयार की हैं। घना प्रशासन की ओर से भेजे गए इन प्रस्तावों को राज्य सरकार से मंजूरी मिल गई है।
प्रशासन के अनुसार पक्षी उद्यान में अब आर्द्रभूमि प्रबंधन, परिधीय सड़क निर्माण, पर्यटक सुविधाओं में विस्तार जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर अंजाम दिया जाएगा। इनमें पर्यटकों के लिए छिपने की जगह (हाइड्स), विश्राम और बैठने की सुविधाएं तथा कैंटनी का उन्ननय जैसे सुधारात्मक कार्य शामिल हैं। इसके अलावा पर्यटक हॉल का भी पुनर्निर्माण और उन्नयन किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले हजारों देशी-विदेशी पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
पिछले साल घना में पक्की रोड सही कराई गई थीं। इस बार पुराने मार्गों को दुरुस्त किया जाएगा। इसके अलावा केवलादेव, सांखला हाइड और ई-ब्लॉक के पास पर्यटकों को बरसात आदि से छिपने के लिए जगह जाएगी। साथ ही विश्राम के लिए हर 200 से 300 मीटर पर स्थल तैयार किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान यूनेस्को की ओर से विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है और यह प्रवासी पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल माना जाता है। हर वर्ष हजारों पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियां यहां शीतकालीन प्रवास पर आती हैं।
प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के साथ ही घना प्रशासन ने कार्यों की योजना बनानी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार सर्दियों के दौरान यहां बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं, जिसे देखने के लिए देश-दुनिया से पर्यटक भरतपुर पहुंचते हैं। ऐसे में इन सुविधाओं का विस्तार समय की मांग बन गया था।
घना प्रशासन का मानना है कि इन विकास कार्यों से न सिर्फ पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि उद्यान का पारिस्थितिक संतुलन भी और अधिक मजबूत होगा। जलाशयों एवं आर्द्रभूमियों के प्रबंधन से प्रवासी पक्षियों को बेहतर वास स्थल मिलेगा, जो केवलादेव की जैव विविधता को और समृद्ध करेगा।
कार्यों की स्वीकृति मिल गई है। पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कुछ कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से पर्यटकों के लिए हाइड और विश्राम के लिए जगह तैयार की जाएंगी। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है।
मानस सिंह, डीएफओ, केवलादेव, राष्ट्रीय पक्षी उद्यान, भरतपुर
Updated on:
14 Jul 2025 02:35 pm
Published on:
14 Jul 2025 02:35 pm
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