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New District Demand: ‘जिला बनाए जाने के मापदण्डों पर खरा उतरता है राजस्थान का ये कस्बा’

New District Demand In Rajasthan: बयाना जिला भरतपुर से भी पुरानी तहसील है, जिसका महाभारत कालीन इतिहास है। इसके साथ ही बयाना जिला बनाए जाने के मापदण्डों पर खरा उतरता है। बयाना को जिला नही बनाए जाने पर आन्दोलन किए जाने की चेतावनी है।

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New District Demand: कचहरी परिसर में शुक्रवार को वकीलों ने बयाना को जिला बनाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी वकीलों ने बताया कि बयाना जिला भरतपुर से भी पुरानी तहसील है, जिसका महाभारत कालीन इतिहास है। इसके साथ ही बयाना जिला बनाए जाने के मापदण्डों पर खरा उतरता है। बयाना को जिला नही बनाए जाने पर आन्दोलन किए जाने की चेतावनी है।

बार अध्यक्ष चोबसिंह सूपा ने बताया कि पिछले लम्बे समय से बयाना को जिला बनाने की मांग चल रही है जिसको लेकर पहले बयाना विकास मंच इसके बाद गुर्जर महासभा एवं व्यापार संघ आदि की ओर से लगातार बयाना मांग के बाद भी बयाना को जिला नहीं बनाएजाने से वकीलों में रोष है। वकीलों ने बयाना को जिला बनाने की पहल में जनप्रतिनिधियों पर भी अनदेखी का आरोप लगाया है।

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वकीलों ने बयाना-रूदावल-वैर-भुसावर को शामिल करके बयाना को जिला बनाने की मांग रही है। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता भारतभूषण बंसल, अजीतसिंह, बुद्वीराम सिंगोर, महेन्द्रभूषण शर्मा, भोजेन्द्र तिवारी, नन्दकिशोर भारद्वाज, पूर्व अध्यक्ष उमेश शर्मा, विवेक जैन, नीरज चौबे, बन्टू धाकड़, यज्ञप्रियशर्मा, लक्ष्मनसिंह, उदयभानसिंह, नरेन्द्र गुर्जर, श्रीराम शर्मा, वेदप्रकाश शर्मा, धारासिंह, लज्जाराम गुर्जर, कपिल नहरौली, देवकीनन्दन शर्मा, राकेश सैन, मानसिंह, गजेन्द्र धाकड़, घमण्डीसिंह आदि मौजूद रहे।

15 सालो से चली रही है मांग, ये हुऐ कार्यक्रम: मैराथन दौड, पोस्टकार्ड अभियान,धरना प्रदर्शन, हस्ताक्षर अभियान, मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल तक ज्ञापन दिए जा चुके है। पिछले 15 सालों से बयाना को जिला बनाने की मांग के बाद भी बयाना को जिला बनाने से अछूता रखा जा रहा है।