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Bharatpur Crime: 4 महीने बाद जिंदगी की जंग हारा भरतपुर का NSG कमांडो, जमीनी विवाद में लगी थी गोलियां

Bharatpur Firing: कमांडो बबलेश के पैर में इंफेक्शन फैलने के कारण डॉक्टरों को उसका सीधा पैर काटना पड़ा। इसके बाद बबलेश के परिजनों ने घटना की सूचना आर्मी ऑफिस में दी थी।
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भरतपुर

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Rakesh Mishra

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Updated: 18 Mar 2025, 10:15 PM IST

NSG commando injured in firing in Bharatpur died during treatment

पत्रिका फोटो

राजस्थान के भरतपुर में सेवर थाना इलाके में झगड़े में घायल हुए एक एनएसजी कमांडो की मौत हो गई। मंगलवार को कमांडो के शव का आरबीएम अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। जमीनी विवाद के चलते गांव के लोगों ने कमांडो को गोली मार दी थी। कमांडो का इलाज दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल में चल रहा था। शरीर में इन्फेक्शन फैलने के कारण एसएमएस अस्पताल के डॉक्टर ने कमांडो का सीधा पैर काट दिया था।

छुट्टियों पर घर आया था जवान

जानकारी के अनुसार 20 फरवरी को कमांडो बबलेश कुमार (32) की पत्नी भूरो देवी निवासी गढ़ी जालिम आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आईजी ऑफिस आई थी। उन्होंने बताया था कि भरतपुर निवासी राजेंद्र से 2 साल पहले उन्होंने 4 बीघा जमीन खरीदी थी। जमीन की बाउंड्री को लेकर गांव के लक्खो, राजवीर एवं सुबड़ से विवाद हो गया। अक्टूबर में मेरे पति बबलेश कुमार 15 दिन की छुट्टियों पर जम्मू कश्मीर से घर आए थे।

पैर में तीन गोलियां लगीं

वह 23 अक्टूबर को सुबह के अपनी जमीन की ओर जा रहे थे। इस दौरान लक्खो, राजवीर एवं सुबड़ ने अपने परिजनों के साथ मिलकर बबलेश पर हमला कर दिया। सभी लोगों ने बबलेश पर ताबतोड़ गोलियां बरसा दीं। घटना का पता लगने के बाद जब बबलेश का बड़ा भाई बंशराम उसे बचाने आया तो उन्होंने बंशराम पर भी फायरिंग कर दी। घटना में बबलेश के शरीर पर कई गोलियां लगीं और पैर में तीन गोलियां लगीं। लक्खो, राजवीर, सुबड़ और उसके परिजनों ने बबलेश के पैर पर कुल्हाड़ी से भी वार किया।

काटना पड़ा था कमांडो का पैर

झगड़े के बाद बबलेश को आरबीएम अस्पताल लाया गया, जहां से उसे जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया। बबलेश के पैर में इंफेक्शन फैलने के कारण डॉक्टरों को उसका सीधा पैर काटना पड़ा। इसके बाद बबलेश के परिजनों ने घटना की सूचना आर्मी ऑफिस में दी। बबलेश को दिल्ली के आरआर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। बबलेश के परिजनों ने लक्खो, राजवीर, सुबड़ और उसके परिजनों के खिलाफ सेवर थाने मामला दर्ज कराया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले की जांच करते हुए लक्खो और राजवीर के नाम एफआईआर से निकाल दिए। राजवीर आरएसी में कांस्टेबल है।

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5 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश

सेवर थाना अधिकारी धर्म सिंह ने बताया कि 23 अक्टूबर 2024 को जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया था। एक पक्ष की ओर से फायरिंग की गई थी, जिसमें दो भाई घायल हो गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 30 जनवरी 2025 को कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। सोमवार को घायल कमांडो की मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराकर कोर्ट में पोस्टमार्टम की रिपोर्ट पेश करेंगे, जो भी कानूनी कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।

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