5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पांच माह इंतजार के बाद 24 मिनट की बैठक में पॉलिटीकल ड्रामा

जिला परिषद् की बैठक में ग्रामीण विकास का सपना लेकर आने वाले सदस्यों को फिर निराश होना पड़ा। क्योंकि पांच महीने से बैठक का इंतजार कर रहे सदस्यों को 24 मिनट की बैठक में पॉलिटीकल ड्रामा देखकर ही लौटना पड़ा।

2 min read
Google source verification
bharatpur

zila parisad

भरतपुर. जिला परिषद् की बैठक में ग्रामीण विकास का सपना लेकर आने वाले सदस्यों को फिर निराश होना पड़ा। क्योंकि पांच महीने से बैठक का इंतजार कर रहे सदस्यों को 24 मिनट की बैठक में पॉलिटीकल ड्रामा देखकर ही लौटना पड़ा। बैठक शुरू होते ही दो सदस्यों ने मुद्दे उठाए ही थे कि अचानक कलक्ट्रेट में ही भाजपा के जिलास्तरीय प्रदर्शन का शोरगुल सुनाई देने लगा तो सांसद बहादुर सिंह कोली खड़े हुए और कहा कि कांग्रेस ने दो लाख रुपए तक की ऋणमाफी और बेरोजगारों को 3500 रुपए प्रतिमाह भत्ता देने की घोषणा की थी। प्रशासन जब तक इन दोनों में ही लाभान्वितों की सूची सामने नहीं रखेगा तब बैठक नहीं होगी। ऐसा कहते हुए सांसद जाने लगे तो जिला प्रमुख बीना सिंह ने उन्हें रोका और सांसद की बात का समर्थन करते हुए बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी।


बैठक में जिला परिषद् सदस्य पुष्पेंद्र सिंह करीली ने कहा कि ऋणमाफी योजना में मृतकों के नाम पर ही ऋण स्वीकृत कर घोटाला किया गया है। राजस्थान पत्रिका की ओर से पिछले दो सप्ताह से कर्ज बना कांटा शीर्षक से अभियान चलाया जा रहा है। नेमसिंह फौजदार ने कहा कि यह किसी एक क्षेत्र का ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का बड़ा घोटाला है। दो बार ज्ञापन देकर भी जिला कलक्टर को अवगत कराया जा चुका है। नाहरा चौथ में एक किसान को जब मालूम पड़ा कि उसके नाम से ऋण स्वीकृत हुआ है तो उसकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। सदस्य समोचा, जलेबी का नाश्ता करने नहीं आते है। उन्हें तो जनता की समस्याओं का समाधान चाहिए। मीनू सिंह ने कहा कि राजस्थान पत्रिका में ही आज एक खबर प्रकाशित हुई है कि पांच साल पहले जिसकी मौत उसके नाम पर ही पीएम आवास योजना में राशि स्वीकृत, जब जिला परिषद् के खुद की योजना में ही इतनी बड़ी गड़बड़ी हो रही है तो अन्य योजनाओं का क्या हाल हुआ होगा।