
राजस्थान के मेवात इलाके में पुलिस की ओर से साइबर ठगों के खिलाफ 'ऑपरेशन एंटी वायरस' चलाया जा रहा है। यह अभियान 1 मार्च 2024 को शुरू किया गया था। इसके तहत अब तक 200 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके है। 700 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यही कारण है कि मेवात के ठग राजस्थान, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, गुजरात, मध्यप्रदेश, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल के लाखों लोगों को अब तक ठगी का शिकार बना चुके हैं।
वहीं, डीग जिले से चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। जहां चार महीने में 74 गैंग ने करीब 3 अरब 36 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया है। जिले के नगर थाने में आरोपी आरिफ खान के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक 13 करोड़ 50 लाख, कामा थाने में आरोपी जावेद के खिलाफ 11 करोड़ 69 लाख, कैथवाड़ा थाने में आरोपी तालीम के खिलाफ 7 करोड़ 85 लाख, सीकरी थाने में दर्ज मामले के आरोपी तैफूल ने 7 करोड़ 3 लाख रुपये की ठगी की है। इन्हें मिलाकर करीब 74 गैंग ने मार्च, अप्रैल, मई, जून महीने में 3 अरब 36 करोड़ रुपये की ठगी की है।
मेवात इलाके में 90 फीसदी ठगी अश्लील वीडियो के साथ लोगों की तस्वीर को मॉर्फ करके की गई है। साथ ही ये साइबर ठग सोशल मीडिया पर मोबाइल फोन को सस्ते दामों में बेचने का लालच देकर, वॉट्रस एप पर लॉटरी का लालच देकर, ऑनलाइन सामान बुक करने के नाम पर ठगी करते है।
वहीं, ओएलएक्स के जरिये कार बेचना या फोन पर जेसीबी से खुदाई करते समय जमीन के अन्दर से सोने की ईंट मिलना बताकर उसे सस्ते में बेचना बताकर कामां बुलाते हैं। ऐसे कई मामले डीग कोतवाली, कामां, सीकरी, नगर, पहाड़ी, खोह, कैथवाड़ा, जालूकी, जुरहरा, गोपालगढ़ में दर्ज हैं।
साइबर ठगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने वाले भरतपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश का कहना है कि पहले साइबर ठगों द्वारा ठगी के लिए काम में लिए जाने वाले मोबाइल फोन के आईएमईआई और सिम कार्ड की जांच की जाती थी। लेकिन जब इनके द्वारा ठगी के दौरान प्रयोग किए गए मोबाइल आईएमईआई और सिम कार्ड को अन्य मोबाइल आईएमईआई और सिम कार्ड से लिंक किया गया तो ठगी गई राशि का खुलासा हुआ।
Published on:
26 Sept 2024 02:29 pm
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