
अरावली की पहाड़ी तोड़कर बनाई अवैध सड़क। फोटो: पत्रिका
भरतपुर। डीग जिले में राजस्थान और हरियाणा के बीच 1500 से ज्यादा हरे पेड़ों की कटाई कर छह किलोमीटर लंबी व 33 फीट चौड़ी सड़क वन विभाग की जमीन और अरावली की पहाड़ी तोड़कर बनाई गई थी, जिससे अवैध खनन सामग्री का परिवहन आसानी से हो सके। इस सड़क को बनाने के लिए करीब सवा करोड़ रुपए की रिश्वत राजस्थान के रॉयल्टी ठेकेदार के माध्यम से हरियाणा के संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को दी गई थी। रिश्वत की रकम राजस्थान में भी बांटी गई थी।
यह खुलासा एसीबी गुरुग्राम, हरियाणा की जांच रिपोर्ट में हुआ है। यह खेल दोनों राज्यों में अवैध खनन सामग्री के परिवहन के लिए था। एसीबी रिपोर्ट में एक दर्जन से अधिक अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, रॉयल्टी ठेकेदार और खनन माफियाओं के नाम चार्जशीट में दाखिल किए हैं।
एसीबी एक आरोपी की निशानदेही से रिश्वत की एक लाख रुपए की नकदी भी बरामद कर चुकी है। छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में 187 गवाहों को शामिल किया गया है, जिनमें एक दर्जन से अधिक अधिकारी राजस्थान के हैं। इस प्रकरण में कुछ जनप्रतिनिधियों और खनन माफिया गिरोह की कॉल रिकॉर्डिंग्स की भी जांच की गई है। इनमें भी टीम के हाथ अहम साक्ष्य लगे हैं, हालांकि अभी इन्हें चार्जशीट के साथ शामिल नहीं किया गया है। यदि ये सामने आते हैं, तो संभव है कि राजस्थान की राजनीति में भी कुछ बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि बसई नवाब के सरपंच ने 12 लाख रुपए की रिश्वत भतीजे महकुम के माध्यम से अगस्त 2024 में जुबेर को उसके फार्म पर भिजवाई। वहां उसकी मुलाकात गांव हमन नगर, जिला नूंह निवासी मोहम्मद हबीब से हुई, जिसने फिरोजपुर झिरका विधानसभा से इनेलो पार्टी से चुनाव लड़ा था। दिसंबर 2023 में मोहम्मद हनीफ की उससे मुलाकात हुई थी। उससे पहले दोनों अवैध रास्तों का काम मोहम्मद हबीब ही देख रहा था। उसने यह काम कराने के लिए राजस्थान के रॉयल्टी ठेकेदार से पहले ही 75 लाख रुपए ले रखे थे, जिसको लेकर बाद में कहासुनी हुई।
एसीबी ने बताया कि मामले में मो. हनीफ सरगना है और रिश्वत राजस्थान के स्टोन क्रशरों और रॉयल्टी ठेकेदारों से गई थी। रास्तों की सहमति के बाद एक बैठक हुई, जिसमें निर्णय हुआ कि रॉयल्टी ठेकेदार सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत देगा। इसमें राजस्थान के रॉयल्टी ठेकेदार की ओर से दौलत सिंह फौजदार शामिल रहे। एक बैठक जयपुर में कुलदीप भाटी के साथ भी हुई थी।
-मो. हनीफ उर्फ हन्ना
-चिनार चहल तत्कालीन एसडीएम
-रामकुमार तत्कालीन जिला चकबंदी अधिकारी
-जान मौहम्मद तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी
-अख्तर हुसैन तत्कालीन कानूनगो
-बिजेंद्र राणा तत्कालीन डीआरओ (सभी हरियाणा)
-चार्जशीट में राजस्थान के रॉयल्टी ठेकेदार प्रतिनिधि दौलत सिंह फौजदार का भी नाम
24 मार्च 2025 को पत्रिका ने सबसे पहले इस प्रकरण को 'खनन माफिया ने राजस्थान-हरियाणा के बीच बना दी 6 किमी की सड़क' शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद जब लगातार अभियान चलाया गया, तब मामले की जांच शुरू हुई।
Updated on:
31 Dec 2025 10:15 am
Published on:
31 Dec 2025 10:12 am
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