
भरतपुर. प्रदेश में सख्ती के बाद आरजीएचएस में भले ही फर्जीवाड़ा कुछ हद तक थमा हो, लेकिन इस पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग सका है। हाल ही में जयपुर से आई टीम ने दुकानों पर बोगस कर्मचारी भेजकर इसकी पड़ताल की, तो फर्जीवाड़ा सामने आया। अब सतर्कता दल ने भरतपुर एवं धौलपुर के 10 मेडिकल स्टोर को बंद कर दिया है। इनमें आठ दुकानें धौलपुर की एवं दो दुकानें भरतपुर की हैं। प्रदेश सरकार की आरजीएचएस योजना घोटालों की भेंट चढ़ी नजर आ रही है।
इसकी वजह यह है कि कर्मचारी एवं पेंशनर्स दवाओं के नाम पर घरेलू सामान भी ले रहे हैं। इससे पहले भी कर्मचारियों ने दवाओं के नाम पर मेडिकल स्टोर्स से काजू-बादाम खाए थे। अनाप-शनाप बिल कटने और दवा की जगह घरेलू सामान लेने की शिकायतें नहीं थमने के बाद जयपुर की टीम ने हाल ही में दोनों जिलों में कार्रवाई की तो सामने आया कि आज भी कर्मचारी और पेंशनर मेडिकल स्टोर से दवा के नाम पर अन्य घरेलू सामान ले रहे हैं।
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संदिग्ध ट्रांजिक्शन वाले कार्ड होंगे निरस्त
सतर्कता दल ने कहा है कि बंद किए मेडिकल स्टोर से ऐसे कर्मचारी एवं पेंशनरों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिनका ट्रांजिक्शन संदिग्ध है। इनके कार्डों को चैक किया जा रहा है। इसके बाद संदिग्ध ट्रांजिक्शन वाले कार्डों को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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Published on:
30 May 2023 02:46 pm
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