
प्रदेश का एकमात्र पांच मंत्रियों वाला और सड़कों की हालत गांव से भी बदत्तर...
दो किलोमीटर की सड़क, 4.5 करोड़ की निर्माण लागत, नवम्बर 2021 में हुआ था काम शुरू, पहले चरण में 25 के स्थान पर हुआ 15 फीसदी काम, ठेकेदार को दिए तीन नोटिस, प्रथम चरण मेंं काम में देरी के चलते लगाई 1.10 लाख की पेनल्टी, आश्चर्य की बात यह है कि इस मार्ग से आए दिन जिले के पांचों मंत्री, जिला कलक्टर, संभागीय आयुक्त, मेयर, डिप्टी मेयर, दोनों पार्टियों के जिलाध्यक्ष से लेकर हरेक कार्यकर्ता के अलावा तमाम जिम्मेदार निकलते हैं, लेकिन इतनी परेशानी के बाद भी अब किसी ने मुंह तक नहीं खोला है, ऐसे में आमजन को भी चाहिए कि इन सभी जिम्मेदारों से सवाल करें, क्योंकि सत्तापक्ष सुनवाई नहीं कर रहा तो विपक्ष अपनी भूमिका नहीं निभा रहा है।
भरतपुर. शहर की सड़कें इन दिनों स्थानीय लोग और मुसाफिरों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई हैं। वहीं शहर के आला कमानों के गुजरने वाले रास्तों की सड़क सपाट व बिना गड्ढों के बनी हुई हैं।इसीलिए शायद उन्हें आमजन की परेशानी का एहसास नहीं होता। इन्हीं में से एक है शहर के हीरादास से सरसों अनुसंधान को जाने वाली सड़क। यह सड़क अपने आप में काफी अहम है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है कि यह शहर को आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ती है। साथ ही यह सड़क हाईवे से शहर में प्रवेश का मुख्य मार्ग भी है। मगर यहां के हालात लंबे समय से बद से बदतर है। इस सड़क का सीसी निर्माण कराने के नाम पर जिम्मेदारों ने इसे खोद तो दिया लेकिन तीव्र गति से खोदी जाने वाली सड़क का निर्माण कछुआ गति से चल रहा है। निर्माण कार्य का अभी दूसरा चरण चल रहा है।वहीं प्रथम चरण के अनुसार भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।हालांकि इसके लिए यूआईटी ने ठेकेदार को करीब तीन बार नोटिस दिए हैं। साथ ही 1.10 लाख रुपए की पेनल्टी भी लगाई है। बताया गया है कि दूसरे चरण की मॉनिटरिंग मई माह के प्रथम सप्ताह में होगी।
प्रथम चरण में हुआ केवल 15 फीसदी निर्माण कार्य
हीरादास से सरसों अनुसंधान तक सड़क की लम्बाई करीब दो किलोमीटर है। इसके निर्माण के लिए यूआईटी ने माह नवम्बर 2021 में करीब 4.5 करोड़ रुपए की लागत के वर्क ऑर्डर जारी हुए थे। इसके निर्माण कार्य की अवधि सितम्बर 2022 निर्धारित की गई है। वर्क ऑर्डर जारी करने और प्रथम चरण में सड़क का निर्माण कार्य करीब 25 फीसद होना था, मगर वर्तमान में दूसरा चरण चलने के बाद भी सड़क का निर्माण कार्य विभाग के अनुसार केवल 15 फीसद ही हो पाया है।
ठेकेदार को दिए तीन नोटिस, लगाई 1.10 लाख रुपए की पेनल्टी
दो किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य में प्रथम चरण के अनुसार काम न होने पर यूआईटी ने ठेकेदार पर करीब 1.10 लाख रुपए की पेनल्टी लगाईहै। हालांकि यह पेनल्टी रिफंडेबल होगी। यदि ठेकेदार वर्क ऑर्डर के अनुसार निर्माण अवधि सितम्बर 2022 तक पूरा निर्माण कार्य कर देता है तो चरण अनुसार निर्माण कार्य में होने वाली देने के चलते लगने वाली पेनल्टी उसे वापस कर दी जाएगी।
दिन भर उड़ रही धूल, गिर रहे बाइक सवार
गर्मी का मौसम है और दिनभर लू चलती है, ऐसे में सड़क किनारें बने मकानों में रहने वाले लोगों व दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लू के चलते दिनभर धूल उड़कर लोगों के घरों और मकानों में जा रही है। इससे खासकर बुजुर्गों को सांस लेने में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही दुकानदारों का दुकानों पर बैठना मुश्किल हो रहा है।वहीं रोड पर गिट्टी होने के कारण बाईक सवार गिर रहे है हालांकि अभी तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। यहां से गुजरते समय अधिकांश बाइक सवार गिट्टियों पर फिसलकर चोटिल हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस रोड का निर्माण जल्द से जल्द नहीं किया गया तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
इनका कहना है ...
सीसी सड़क निर्माण के लिए करीब 4.5 करोड़ रुपए का वर्क ऑर्डर जारी किया गया है। निर्माण कार्य जारी है। निर्माण कार्य पूरा होने की अवधि सितम्बर 2022 तक है। हालांकि प्रथम चरण में काम में देरी के चलते ठेकेदार पर 1.10 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई गई है। वहीं काम में देरी होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
दुर्गा प्रसाद शर्मा, अधिशाषी अभियंता, यूआईटी
Published on:
26 Apr 2022 02:20 pm
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