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बड़ी खबर: PM मोदी के आने के पहले BSP हादसों में तीसरी FIR, टीएंडडी के DGM, एजीएम समेत 12 अधिकारी आरोपी

BSP में शंटिंग के दौरान हादसे में ठेका श्रमिक इंद्रजीत (22) की मौत का प्रकरण भट्ठी थाना में दर्ज कर लिया गया है। विवेचना के बाद 12 आरोपी बनाए गए हैं।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Jun 07, 2018

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बड़ी खबर: PM मोदी के आने के पहले BSP हादसों में तीसरी FIR, टीएंडडी के DGM, एजीएम समेत 12 अधिकारी आरोपी

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के ट्रांसपोर्ट एंड डीजल विभाग (टीएंडडी) में शंटिंग के दौरान हादसे में ठेका श्रमिक इंद्रजीत (22) की मौत का प्रकरण भट्ठी थाना में दर्ज कर लिया गया है। विवेचना के बाद 12 आरोपी बनाए गए हैं। पुलिस के अुनसार टीएंडडी के डीजीएम मनोज प्रसाद, एजीएम ज्योति रंजन मोहंती, विभाग के यार्ड मास्टर प्रदीप कुमार महाराणा का नाम शामिल है।

इसके अलावा संयंत्र के लोको क्रमांक-631 के चालक पीएल साहू, लोको चालक बी तिर्की, पोर्टर पंचूराम निषाद, एचएससीएल के वरिष्ठ परियोजना अभियंता राम दयाल टेम्भरे, स्थल अभियंता सुरक्षा अधिकारी के हर्षवर्धन, एचएससीएल के सुरक्षा अधिकारी एसके राय, ठेकेदार इसरार अहमद, आरके तिवारी और एसएस बोगड़े को हादसे का जिम्मेदार माना है।

अफसरों पर ये आरोप
सुरक्षा में उदासीनता, मातहत कर्मचारियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा मानदंडों का पालन नहीं करके जीवन का संकट उत्पन्न करना। धारा 287, 304, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। बीएसपी में जब कर्मचारी पर्याप्त थे, तब मेंटनेंस काम शुरू करने से पहले पुलकार्ड को बंद किया जाता था और वहां एक कर्मचारी को तैनात कर दिया जाता था।

इससे कोई भी पुलकार्ड को ऑन करने आता, तो उसे वह कर्मचारी रोक देता था। कॉस्ट कटौती के चक्कर में प्रबंधन ने नियमित कर्मचारियों की संख्या घटा दी, जिससे इस व्यवस्था को भी ड्रॉप कर दिया गया है। अब उसका परिणाम इस तरह से सामने आ रहा है।

२८ मई को गई थी एक और श्रमिक की जान
२८ मई को खुर्सीपार गेट के पास चालू लाइन लाइन में काम करते समय ठेका श्रमिक रामेश्वर ढीमर (२५ वर्ष) की करंट लगने से मौत हो गई। पुलिस मर्ग कायम कर विवेचना कर रही है। अब तक इस मामले में अपराध दर्ज नहीं किया गया है।

सिंटर प्लांट हादसे में आठ आरोपी
8 मई को सिंटर प्लांट-3 में कन्वेयर बेल्ट में फंसने से ठेका श्रमिक कमल वर्मा (42 वर्ष) की मौत हो गई थी। एसपी-3 के एचओडी डीजीएम विजय रथ, डीजीएम ऑपरेशन जगिंद्र कुमार, डीजीएम मैकेनिकल मुजीब हुसैन,लुटोरी सिंह सेवरिया, गणेश राम ढीमर, चुन्नी लाल, कौशल देवांगन, ठेकेदार गुलाब पेठे के खिलाफ मामला दर्ज।

एसएमएस-3 हादसे में 9 आरोपी
९ मई को एसएमएस-3 में ठेका श्रमिक जनक सिंह (38 वर्ष) की 40 फीट ऊंचाई से गिरने पर मौत हो गई थी। इसमें डीजीएम आलोक राय, जोनल सेफ्टी अधिकारी विवेक गुप्ता, परियोजना अभियंता राम दयाल टेंभरे, एचएससीएल के साइड इंचार्ज गोपबंधु दास, सेफ्टी ऑफिसर मनोहर राजम, ठेकेदार विनय कुमार, ठेका कंपनी के साइड इंचार्ज जी राजेंद्रन, ठेका कंपनी के सेफ्टी ऑफिसर संजू नायर व राजाराम गुप्ता शामिल हैं।

ईडी और जीएम को सुरक्षा विभाग का नोटिस
उपसंचालक औद्योगिक स्वास्थ्य व सुरक्षा केके द्विवेदी टीएंडडी में हुए हादसे के लिए बीएसपी के ईडी वक्र्स पीके दाश व टीएंडडी विभाग के जीएम प्रभारी श्याम कुंवर को पहले ही नोटिस भेज चुके हैं। इसी तरह एसएमएस-3 में हुई दुर्घटना के लिए भी ईडी वक्र्स दाश के साथ विभाग के जीएम एनपी सिंह को नोटिस जारी किया है। संयंत्र में मेंटनेंस के तहत काम शुरू करने से पहले स्टेंडर्ड ऑपरेशन प्रेक्टिस (एसओपी) व स्टेंडर्ड मेंटनेंस प्रेक्टिस (एसएनटी) का पालन नहीं किया जा रहा है।

एचओडी और डीजीएम को किया गया था निलंबित
भिलाई इस्पात संयंत्र में एचएससीएल ठेका श्रमिक कमल नारायण वर्मा की बेल्ट मेंटनेंस के दौरान ग्रेविटी टेकअप ड्रम में फंसने से मौत गई थी। इस मामले में प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए सिंटर प्लांट-3 के एचओडी डीजीएम विजय रथ, डीजीएम वीके उपाध्याय को निलंबित किया।

पहली बार अफसरों पर हुई पुलिस कार्रवाई
12 जून 2014 गैस कांड के बाद यह पहली बार है जब संयंत्र प्रबंधन ने हादसे के लिए अफसरों को सीधे जिम्मेदार मानते हुए निलंबन और अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई की है। गैस कांड में 6 कर्मियों की मौत पर पुलिस ने 17 माह की विवेचना और 64 गवाहों के बयान के बाद ३ फरवरी 2015 को केस दर्ज किया था।

इसमें 2 महाप्रबंधक, 1 उप महाप्रबंधक, 1 अन्य अधिकारी आरोपी बने थे। इनमें जीएम क्वालिटी बी महराणा, जीएम सेफ्टी पी पांड्यिाराजा, डीजीएम वाटर सप्लाई पीके तेलंग और विपिन कुमार को जिम्मेदार ठहराया गया। बाद में सभी आरोपी मुचलके पर ही छूट गए थे।