
निजामुद्दीन तबलीगी जमात मरकज में शामिल हुए थे छत्तीसगढ़ के 159 लोग, पुलिस जांच के बाद होगा अपराध दर्ज
भिलाई. दिल्ली के निजामुद्दीन तबलीगी जमात मरकज में एक साथ कोरोना(Coronavirus in chhattisgarh) के 24 पॉजीटिव केस और 441 से ज्यादा संदिग्ध मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है। मरकज में देश-विदेश के हजारों लोग शामिल हुए थे। जिसमें छत्तीसगढ़ के 159 लोग भी हैं, जो इस संक्रमित कार्यक्रम का हिस्सा बने। दिल्ली सरकार ने छत्तीसगढ़ पुलिस को इस आयोजन में शामिल लोगों की सूची जारी की है। जिसके बाद राज्य के कोने-कोने में प्रशासनिक और पुलिस अमला इनकी खोज में जुटा है। दुर्ग जिला पुलिस को मिली सूची में पूरे छत्तीसगढ़ से ऐसे लोगों की संख्या 159 बताई गई है। एसएसपी अजय यादव ने बताया कि सूची के आधार पर जांच की जा रही है। मरकज से लौटकर भिलाई के सुपेला नूर मस्जिद में ठहरे आठ लोगों को जांच के बाद आइसोलेशन में रखा गया है। (Chhattisgarh police)
जांच के बाद होगी एफआईआर
सुपेला थाना टीआई ने बताया कि शहर में धारा 144 व लॉकडाउन के बाद भी बाहर से आए लोगों की जानकारी छुपाई गई है। 7 मार्च से धार्मिक नेता नियमों का उलंघन करते हुए भिलाई में ठहरे हुए थे। जिला प्रशासन व पुलिस से जानकारी छुपाई। मामले में जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद सभी जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाएगा। बतां दें कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सात मस्जिदों को नोटिस भी जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि मकरज से जम्मू कश्मीर व तेलंगाना लौटे 6 लोगों की कोरोना से मौत की सूचना के बाद एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। सभी आठों जमातियों का सैंपल लेकर स्वास्थ्य की जांच करने के बाद उन्हें एम्बुलेंस से सेक्टर-3 में बीएसपी द्वारा बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भेजा गया है।
जानिए क्या होता है मरकज में
दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित इस मरकज में आमतौर पर भी काफी लोग रहते हैं। तबलीगी जमात से जुड़े दिल्ली और आसपास के लोग यहां आते रहते हैं। हर जुमेरात को यहां 'जोड़Ó (एक तरह की बैठक) होता है जिसमें लोग एक साथ बैठकर धर्म की बातें करते हैं। कोरोना के मरीज मिलने के बाद से निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात का मरकज चर्चा में है।
ज्यादातर लोग इस बात को जानना चाहते हैं कि आखिर यह मरकज है क्या और यहां क्या होता है? तब्लीगी जमात से लंबे वक्त तक जुड़े रहे एक शख्स ने पत्रिका को बताया कि आखिर यहां क्या होता है।
तबलीगी जमात का हेडक्वॉर्टर है। इस बिल्डिंग को तबलीगी जमात के हेडक्वॉर्टर के तौर पर भी जाना जाता है। उससे पहले यह भी जान लें कि तबलीगी जमात क्या है और ये लोग क्या करते हैं? तबलीगी जमात से जुड़े लोग पूरी दुनिया में इस्लाम के प्रचार-प्रसार का काम करते हैं। 10, 20, 30 या इससे ज्यादा लोगों की जमातें (गु्रप्स) देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से यहां पहुंचते हैं और फिर यहां से उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता है। जहां की मस्जिदों में ये लोग ठहरते हैं और वहां के लोकल मुसलमानों से नमाज पढऩे और इस्लाम की दूसरी शिक्षाओं पर अमल करने की गुजारिश करते हैं।
मरकज से 1,548 निकाले गए
निजामुद्दीन स्थित मरकज से करीब 1,548 लोगों को निकाला गया है। इनमें से 441 में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं और इन्हें एलएनजेपी, राजीव गांधी सुपर स्पेशिलिटी और जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा 1,107 लोगों को नरेला में आइसोलेशन में रखा गया है।
मरकज पर पुलिस का ऐक्शन
निजामुद्दीन मरकज में मामले में दिल्ली पुलिस ने मौलाना साद, डॉ जीशान, मुफ्ती शहजाद, एम सैफी, युनूस और मोहम्मद सलमान के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। मरकज को खाली कराया गया है। मरकज में करीब 2,100 लोग थे। इस बीच, मौलान साद 28 मार्च के बाद से लापता है। पुलिस ने उसे नोटिस भेजा है। साद की तलाश जारी है।
Published on:
01 Apr 2020 02:42 pm
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