
मछली पालन का झांसा, हरियाणा की कंपनी ने CG के 48 किसानों को लगाई 3 करोड़ की चपत, सदमे में एक किसान की मौत
भिलाई. मछली पालन मामले में गुडग़ांव की कंपनी ने किसानों को करीब तीन करोड़ रुपए की चपत लगाई है। पुलिस की जांच में पता चला है कि किसानों ने हरियाणा गुडग़ांव की फिश फॉच्र्यून प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा दिए गए बैंक खाते में करबी तीन करोड़ रुपए जमा किया है। पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आई पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। मामले से संबंधित दस्तावेज खंगाल रही है। ठगी के शिकार हुए किसानों से पूछताछ कर रही है। इस कंपनी के झांसे में आए एक किसान की सदमे में मौत हो चुकी है। पुलिस ने मृतक किसान की पत्नी व अन्य परिजनों से भी पूछताछ की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जाएगा। अब तक हुई जांच में मामला धोखाधड़ी का बन रहा है।
भरोसा जीतने कंपनी ने चली ऐसी चाल
हरियाणा गुडग़ांव की फिश फॉच्र्यून प्रोड्यूसर कंपनी ने किसानों को छत्तीसगढ़ शासन की मछली पालन योजना की झांसा दिया। दुर्ग संभाग के करीब 48 किसानों ने कंपनी पर भरोसा कर पैसे लगाया। किसानों को भरोसा में लेने के लिए कंपनी ने कुछ किसानों के खाते में दो तीन माह तक कुछ रकम को ट्रांसफर किया है। उसके बाद पैसे देना बंद कर दिया ओम परिसर दुर्ग के पास स्थिति अपना ऑफिस भी समेट लिया। किसानों ने दस्तावेज अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के सहयोग से मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, कृषिमंत्री, पुलिस मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक से लिखित शिकायत की।
इस ठगी से सदमे में मृत किसान के परिजनों से की गई पूछताछ
गुरुवार को पुलिस की टीम मृतक किसान भागवत के कोहका बजरंग पारा निवास पहुंची। मृतक किसान की पत्नी चमेली साहू व भाई कौशल साहू से पूछताछ की। कौशल ने बताया कि पुलिस विभाग के लोग आए थे। उन्होंने पूछताछ की। उन्हें भाई की मौते के बारे में जानकारी ली। कंपनी के खाता में 5 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे, उसकी भी जानकारी हमने पुलिस को दी है। कंपनी ने जो खाता नंबर दिया था उसके बारे में भी बताया है। कंपनी के ठगी से भाई पूरी तरह से टूट चुके थे। प्रशासन से आग्रह है कि कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करें।
पहले से मछली पालन करने वाले किसानों को पार्टनर बनाने का झांसा देकर साधा
छत्तीसगढ़ सरकार की मछली पालन योजना बताकर हरियाणा गुडग़ांव की फिश फॉच्र्यून प्रोड्यूसर कंपनी ने अलग-अलग जिलों के लोकल व्यक्तियों से संपर्क किया। उन्हें पार्टनर बनाने का झांसा देकर किसानों को जोडऩा शुरु किया। फिर उन्हीं को एजेंट बनाकर कंपनी ने फिश फॉर्मिंग को लेकर गांव-गांव में मार्केटिंग करवाई। इसके बाद दुर्ग रेंज के 48 किसानों को झांसा देकर फरार हो गई। दुर्ग आईजी विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि मछली पालन का झांसा देकर किसानों को साथ ठगी के मामले में जांच के आदेश दिया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कंपनी के खिलाफ जुर्म दर्ज किया जाएगा।
Published on:
03 Jul 2021 11:12 am
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