
11,514 सीटों पर मिलेगा एडमिशन (photo-patrika)
Chhattisgarh Engineering Admission: प्रदेश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई को लेकर इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। अब इंजीनियर बनने का सपना सिर्फ मैथ्स छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बायोलॉजी से 12वीं पास विद्यार्थी भी बीटेक में दाखिला ले सकेंगे। इतना ही नहीं, उम्र की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है, यानी अब किसी भी उम्र के छात्र-छात्राएं इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकेंगे। नए नियम इसी शैक्षणिक सत्र से लागू होंगे, जिससे हजारों छात्रों के लिए नए अवसर खुल गए हैं।
नए नियम इसी शैक्षणिक सत्र से लागू होंगे। गुरुवार को व्यापमं के तरफ से आयोजित प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट (पीईटी) में दुर्ग जिले के सात केंद्रों में 1951 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा के लिए 2362 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था, जबकि 411 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इस वर्ष प्रदेशभर के 33 जिलों से कुल 19,896 विद्यार्थियों ने पीईटी परीक्षा दी। छात्र संख्या के मामले में दुर्ग जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। पीईटी के माध्यम से प्रदेश के 26 इंजीनियरिंग कॉलेजों की 11,414 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। काउंसलिंग प्रक्रिया अगस्त में शुरू होने की संभावना है।
डीटीई ने बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत कोटा भी समाप्त कर दिया है। अब रिक्त सीटों के आधार पर बाहरी विद्यार्थियों को भी प्रवेश दिया जा सकेगा। इससे निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों को अधिक लाभ मिलने की संभावना है।
तकनीकी शिक्षा विभाग ने इंजीनियरिंग प्रवेश नियमों में बड़ा संशोधन किया है। पहले इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए गणित और भौतिकी विषय अनिवार्य थे, लेकिन अब यह बाध्यता समाप्त कर दी गई है। नए नियम के तहत बायोलॉजी विषय के विद्यार्थी भी कंप्यूटर साइंस, सिविल, मैकेनिकल समेत अन्य ब्रांचों में बीटेक कर सकेंगे। अब 14 विषयों में से किसी भी तीन विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी इंजीनियरिंग में प्रवेश के पात्र होंगे। इनमें फिजिक्स, मैथ्स, केमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोलॉजी, एग्रीकल्चर, जैव प्रौद्योगिकी, बिजनेस स्टडीज, एंटप्रेन्योरशिप जैसे विषय शामिल हैं।
इस बार काउंसलिंग प्रक्रिया में दस्तावेज सत्यापन केंद्र (डीवीसी) नहीं बनाए जाएंगे। पहले विद्यार्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए अलग केंद्रों में जाना पड़ता था। अब प्रवेश के समय कॉलेज स्तर पर ही दस्तावेजों की जांच होगी, जबकि अंतिम सत्यापन छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा नामांकन जारी करते समय किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों का समय बचेगा और काउंसलिंग प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सकेगी।
व्यापमं के निर्देशानुसार सभी परीक्षा केंद्रों में शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न हुई। विद्यार्थियों की सघन जांच के बाद उन्हें परीक्षा कक्षों में प्रवेश दिया गया— डॉ. अभिनेश सुराना, समन्वयक, व्यापमं
Updated on:
15 May 2026, 11:39 AM IST
Published on:
15 May 2026, 11:39 AM IST
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