
मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद उत्पाद का किया लोकार्पण (Photo Patrika)
CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्राम जामगांव (एम) में निर्मित आधुनिक आयुर्वेदिक औषधि प्रसंस्करण इकाई, केन्द्रीय भंडार गृह और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत निर्मित हर्बल्स एक्सट्रेक्शन इकाई का लोकार्पण किया।
36 करोड़ के यूनिट से हर साल 50 करोड़ के उत्पाद : 27.87 एकड़ क्षेत्र में 36.47 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई से प्रतिवर्ष 50 करोड़ रूपए मूल्य के उत्पाद तैयार किए जाने का अनुमान है। यह इकाई प्रदेश के वनों में पाई जाने वाली औषधीय और लघु वनोपज जैसे महुआ, साल बीज, कालमेघ, गिलोय, अश्वगंधा आदि का संगठित व वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर चूर्ण, सिरप, तेल, टैबलेट एवं अवलेह जैसे गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण करेगी।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद विजय बघेल, विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, संपत लाल अग्रवाल, ललित चंद्राकर, गजेंद्र यादव, रिकेश सेन, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, पूर्व विधायक दयाराम साहू, महामंडलेश्वर हरिद्वार डॉ. स्वामी कैलाशनंद गिरी, पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा मौजूद थे।
2000 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
यह इकाई छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड के तहत प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाने का प्रमुख केन्द्र भी बनेगी। परियोजना के अंतर्गत 2000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई में आधुनिक वेयर हाउस की 20 हजार मीट्रिक टन की संग्रहण क्षमता विकसित की गई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि विगत पांच वर्षो में गरीब जनता ’प्रधानमंत्री आवास योजना’ से वंचित रह गई थी, जिसे हमारी सरकार बनते ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी और निर्माण कार्य प्रारंभ किया। हमारी सरकार किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीद की जा रही है, और उन्हें प्रति क्विंटल 3,100 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है।
उत्पाद के साथ मिलेगा बाजार : वन मंत्री
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह प्रसंस्करण इकाई मध्य भारत का सबसे बड़ा प्रसंस्करण इकाई है। इसके प्रारंभ होने से वनोपज का संग्रहण, प्रसंस्करण के साथ-साथ वनोपज के उत्पाद को बेहतर बाजार मिलेगा। छत्तीसगढ़ का वनोपज को पूरी दुनिया तक पहुंचे इस उद्देश्य से इस इकाई की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 67 प्रकार के वनोपज का संग्रहण किया जाता है और वनोपज संग्रहण से जुड़े 13 लाख 40 हजार वनवासियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
महतारी वंदन: छूटे पात्र महिलाओं को जोड़ा जाएगा
महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 की आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है, इस योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। इस योजना के छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को नए सिरे से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
Updated on:
30 Jun 2025 10:49 am
Published on:
30 Jun 2025 10:48 am
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