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भिलाई. न्यूनतम मजदूरी नहीं दिए जाने से नाराज सफाई कामगार संघ ने गुरुवार को नगर पालिक निगम कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने जोर-शोर से नारेबाजी कर सहायक श्रमायुक्त के आदेश के अनुसार न्यूनतम मजदूरी की दर से भुगतान की मांग की। उन्होंने कहा जब न्यूनतम मजदूरी पहले से तय है तो श्रमिकों को जब क्यों कटा जा रहा है। इस बात से काफी आक्रोशित थे।
नीत का हो रहा उल्लंघन
प्रदर्शनकारी मजदूरों का कहना हैकि निगम प्रशासन राज्य न्यूनतम वेतन भुगतान नीति का उल्लंघन कर रहा है। सहायक श्रमायुक्त ने न्यूनतम वेतन की दरों के परिपालन में २१ अगस्त २०१७ को नगर पालिक निगम भिलाई के नाम आदेश जारी किया था। आयुक्त केएल चौहान को कलेक्टर द्वारा जारी संशोधित आदेश की दर से मजदूरों का भुगतान करने कहा गया है, लेकिन न्यूनतम दर से मजदूरों को भुगतान नहीं किया जा रहा है।
लागू है ३२५ रुपए मजदूरी दर
ऐक्टू के राष्ट्रीय सचिव जय प्रकाश नायर का कहना है कि शासन ने अकुशल, अद्र्धकुशल, कुशल, उच्च कुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन आदेश जारी किया है। कलक्टर के आदेश के मुताबिक १ अपै्रल २०१७ से न्यूनतम मजदूरी की दर ३२५ रुपए लागू है।
इसके अलावा मजदूरों को एक दिन साप्ताहिक अवकाश भी दिया जाना है। पीएफ और ईएसआई की कटौती करने के बाद २८१.६७ रुपए दिया जाना चाहिए, लेकिन निगम प्रशासन इस दर से भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे मजदूरों को प्रतिदिन ३८ रुपए का नुकसान हो रहा है।
इन्होंने लागू किया न्यूनतम वेतन
बता दें कि शासकीय विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिए दैनिक न्यूनतम वेतन और परिवर्तनशील महंगाई भत्ता लागू किया है। जिसमें नगर पालिका निगम रायपुर , दुर्ग , भिलाई, चरोदा, बीरगां सीमा के भीतर एवं नगर पालिका निगम सीमा के १६ किलोमीटर तक क्षेत्र को जोन- अ में रखा गया है। मजदूर अपनी मांग को लेकर सुबह से निगम कार्यालय में डटे हुए थे।
Published on:
16 Nov 2017 03:41 pm
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